आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर नाराज कोर्ट, विष्णुगढ़ बंद से उबाल
हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के कोसुंभा गांव में 12 वर्षीय मासूम के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना पर झारखंड हाईकोर्ट ने सोमवार को स्वतः संज्ञान लिया है। न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए कड़ी नाराजगी जताई। हाईकोर्ट ने राज्य के गृह सचिव, डीजीपी और हजारीबाग एसपी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। अदालत ने स्पष्ट रूप से पूछा है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद अब तक मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं हो सकी। कोर्ट के इस सख्त रुख के बाद पुलिस-प्रशासन पर दबाव काफी बढ़ गया है। घटना के छह दिन बीतने के बावजूद पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। गांव में जनप्रतिनिधियों का लगातार आना-जाना हो रहा है, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
विष्णुगढ़ पूरी तरह बंद, सड़कों पर उतरे लोग
सोमवार को विरोध स्वरूप विष्णुगढ़ पूरी तरह बंद रहा। दुकानदारों ने स्वेच्छा से दुकानें बंद रखीं, जिससे बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। प्रदर्शनकारियों ने विष्णुगढ़-हजारीबाग मार्ग पर सात माइल मोड़ के पास जाम लगा दिया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। अखाड़ा चौक, हॉस्पिटल मोड़ सहित कई प्रमुख स्थानों पर लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। मामले को लेकर सियासी हलचल भी तेज हो गई है। भाजपा ने हजारीबाग बंद का आह्वान किया, जिसका असर क्षेत्र में साफ देखने को मिला। वहीं, केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी भी कोसुंभा गांव पहुंचीं और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर न्याय दिलाने का भरोसा दिया।
हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि जांच में तेजी आएगी और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी होगी। फिलहाल प्रशासन पर हर स्तर से दबाव बना हुआ है और लोग जल्द न्याय की मांग पर अड़े हुए हैं।






















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