लोहरदगा। सप्तमी के बाद अष्टमी के दिन गुरुवार को बाबा मठ स्थित पूजा पंडाल में देवी भगवती का आठवां स्वरुप महागौरी की पूजा उत्साह और उमंग के साथ किया गया। महाआरती के दौरान पूजा पंडालो में भक्तो की भीड़ उमड़ पड़ी। गहमा गहमी के बीच श्रद्धालुओ ने महागौरी की अराधना में भक्तिपूर्वक शामिल हुए। कहा जाता है कि मां महागौरी अक्षत सुहाग की अधिष्ठात्री देवी हैं। कुंवारी कन्याओं व नारी सुलभ गुणों के लिए विख्यात हैं। मां महागौरी की अराधना से कुवारीं कन्याओं व महिलाओं के सभी मनोकामना पूर्ण होती हैं। कहा जाता हैं कि भगवान शंकर को अपने पति रुप में पाने के लिए मां महागौरी ने कठोर तप किया था। जिससे उनका पूरा शरीर काला पड़ गया था। तब भगवान शंकर ने गंगाजल छिड़क कर उन्हे गौर वर्ण के रुप में लाए। तब से ही कुंवारी कन्याएं मां महागौरी की पूजा करती है। मां भगवती के प्रति के आस्था, प्रेम और स्नेह भक्तजनों को पूजा पंडालों तक खींच लाया हैं। पूजा पंडाल एवं विद्युत सज्जा भक्तजनों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया हैं। इधर शहर के पूजा पंडालों में सुरक्षा की ठोस व्यवस्था की गई हैं। पंडित रामाधार पाठक, आनन्द पाठक, बृजमोहन पाठक, रामसेवक पाठक, जितेंद्र पाठक, संजीत पाठक आदि ने बताया कि आज के दिन माता महागौरी की आराधना करने से व्यक्ति को सौभाग्य की प्राप्ति होती है, साथ ही सुख-समृद्धि में कोई कमी नहीं होती है। महाष्टमी के दिन कन्या पूजन का विधान है, कहा जाता है कि कन्याएं मां दुर्गा का साक्षात स्वरूप होती हैं, इसलिए नवरात्रि के अष्टमी को कन्या पूजा की
मां महागौरी के स्वरूप की पूजा हुई, आस्था और भक्ति की बयार

On: March 27, 2026 8:33 AM

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