बोले– युद्ध नहीं, संवाद ही समाधान; भारत को निभानी चाहिए शांति दूत की भूमिका
लोहरदगा, झारखंड। वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और मानवाधिकार उल्लंघनों के बीच कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अब दुनिया को मूकदर्शक बने रहने की बजाय सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल उभरते देशों के समूह तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रमुख विकसित देशों के समूह और United Nations जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों को भी जिम्मेदारी के साथ आगे आना चाहिए और जहां कहीं भी मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है, वहां कड़ी निगरानी सुनिश्चित करनी चाहिए।
सुखदेव भगत ने युद्ध की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि युद्ध कभी भी किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता। उनके अनुसार, युद्ध केवल विनाश, अस्थिरता और मानवीय संकट को जन्म देता है, जबकि संवाद और कूटनीति ही स्थायी समाधान का रास्ता हैं। उन्होंने कहा कि भारत का Iran से लंबे समय से मित्रतापूर्ण संबंध रहा है और ऊर्जा के क्षेत्र में भी भारत की निर्भरता का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से जुड़ा है। साथ ही बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक वहां कार्यरत हैं।
सुखदेव भगत ने जोर देते हुए कहा कि भारत हमेशा से शांति का दूत रहा है और वर्तमान समय में उसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर आगे बढ़कर शांति स्थापना की पहल करनी चाहिए। उनके अनुसार, भारत के पास वह नैतिक शक्ति और कूटनीतिक क्षमता है, जिससे वह वैश्विक संघर्षों को कम करने में अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि आज जब दुनिया के कई हिस्सों में तनाव और युद्ध की स्थिति बनी हुई है, ऐसे समय में संवाद, सहयोग और आपसी समझ ही शांति का रास्ता दिखा सकते हैं।





















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