बोले– जल, जंगल, जमीन से जुड़ा है जीवन; सुखदेव भगत ने भी दी बधाई
लोहरदगा/नई दिल्ली। प्रकृति के पावन पर्व सरहुल के अवसर पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने देशभर के आदिवासी समुदाय को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने सामाजिक माध्यम पर संदेश साझा करते हुए जल, जंगल और जमीन से आदिवासी समाज के अटूट संबंध को सम्मान दिया। अपने संदेश में राहुल गांधी ने कहा कि सरहुल केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति आस्था, सम्मान और संतुलित जीवन शैली का प्रतीक है। यह पर्व आदिवासी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण संरक्षण के संदेश को पूरे देश तक पहुंचाता है। उन्होंने “जय जोहार” कहकर आदिवासी परंपरा को नमन करते हुए सभी के सुख, समृद्धि और नई ऊर्जा की कामना की।
वहीं लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुखदेव भगत ने भी सरहुल पर्व पर लोगों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि संसद सत्र और असम विधानसभा चुनाव के कारण वे इस बार लोहरदगा में उपस्थित नहीं हो सके। सुखदेव भगत ने कहा कि सरहुल केवल एक पर्व नहीं, बल्कि झारखंड की संस्कृति, परंपरा और प्रकृति के बीच गहरे संबंध का प्रतीक है। यह पर्व प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि झारखंड की संस्कृति में “बोलना ही संगीत और चलना ही नृत्य” है, जो यहां की जीवन शैली को दर्शाता है। उन्होंने लोहरदगा सहित पूरे झारखंडवासियों को सरहुल पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उल्लेखनीय है कि यह पर्व विशेष रूप से झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के आदिवासी क्षेत्रों में बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है, जहां लोग प्रकृति की पूजा कर खुशहाली और समृद्धि की कामना करते हैं।





















Total Users : 859906
Total views : 2580392