सिमरिया (चतरा)। सिमरिया प्रखंड के सेरनदाग पंचायत में नाबालिग बालिका की शादी रुकवाने पर परिजन एवं ग्रामीण उग्र हो उठे। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए करीब 50 लोगों के खिलाफ स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। जानकारी के अनुसार 18 फरवरी को बालिका का लगन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था, जबकि 20 फरवरी को विवाह की तिथि निर्धारित थी। इसकी सूचना मिलते ही बीडीओ चंद्रदेव प्रसाद ने संबंधित पंचायत सचिव को स्थानीय थाना के सहयोग से बालिका की उम्र सत्यापन कराने का निर्देश दिया। जांच में बालिका की उम्र 18 वर्ष से कम पाई गई, जिसके बाद लगन एवं विवाह कार्यक्रम को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया। 25 फरवरी को बीडीओ स्वयं सेरनदाग पंचायत पहुंचे और बालिका के परिजनों तथा ग्रामीणों को बाल विवाह के दुष्परिणाम एवं कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए विवाह नहीं कराने की अपील की। हालांकि काफी समझाने-बुझाने के बावजूद परिजन और कुछ ग्रामीण बाल विवाह कराने पर अड़े रहे। प्रशासनिक पहल का विरोध करते हुए नकारात्मक बयानबाजी भी की गई। स्थिति के उग्र होते देख प्रशासन ने बालिका के परिवारजनों सहित बाल विवाह का समर्थन करने वाले लगभग 50 अज्ञात ग्रामीणों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत नाबालिग की शादी कराना दंडनीय अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नाबालिग की शादी रुकवाने पर बवाल, 50 लोगों पर प्राथमिकी, प्रशासन की कार्रवाई, उम्र सत्यापन में बालिका पाई गई 18 वर्ष से कम

On: February 27, 2026 1:16 AM

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