
गरीबों के सपनों की योजना… और उस पर रिश्वत की दीवार। जब हक पाने के लिए एक परिवार से पैसे मांगे गए, तो उन्होंने झुकने के बजाय आवाज उठाई। शिकायत हुई, जांच हुई और फिर बिछा जाल…
जैसे ही घूस की रकम हाथ में आई, भ्रष्टाचार का चेहरा बेनकाब हो गया। एसीबी की कार्रवाई ने साफ संदेश दिया — अब घूसखोरी पर सीधी चोट होगी।
पलामू। छतरपुर प्रखंड अंतर्गत सिलदाग पंचायत में दीदी बाड़ी योजना की स्वीकृति के नाम पर घूसखोरी का मामला सामने आया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), पलामू की टीम ने शुक्रवार को पंचायत के रोजगार सेवक सुनील कुमार रजक को 6 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, वादी ने एसीबी पलामू के पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर बताया था कि उसकी पत्नी और भाभी के नाम विशेष ग्राम सभा में दीदी बाड़ी योजना प्रस्तावित की गई थी। योजना की स्वीकृति दिलाने के एवज में रोजगार सेवक द्वारा 6 हजार रुपये की मांग की जा रही थी।
वादी ने घूस देने से इनकार करते हुए इसकी शिकायत एसीबी से की। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन कराया। जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर एसीबी थाना कांड संख्या 04/2026 दिनांक 18 फरवरी 2026 को भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7(ए) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद दंडाधिकारी एवं दो स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में 20 फरवरी 2026 को जाल बिछाया गया। जैसे ही आरोपी ने वादी से 6 हजार रुपये की रिश्वत ली, टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को एसीबी टीम मेदिनीनगर ले गई, जहां पूछताछ के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। एसीबी पलामू के पुलिस अधीक्षक ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।



















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