
जिस घर को सुरक्षित ठिकाना होना चाहिए था, वहीं एक नाबालिग की जिंदगी डर और शोषण की अंधेरी सुरंग में धकेल दी गई। परिवार के भीतर ही कथित यौन उत्पीड़न की घटनाएं सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी है।
अलप्पुझा। भरोसे के रिश्तों के पीछे छिपी दरिंदगी की एक और दर्दनाक कहानी सामने आई है। केरल के अलप्पुझा जिले में 14 वर्षीय बच्ची के साथ कथित यौन उत्पीड़न का मामला उजागर हुआ है—और आरोप किसी बाहरी पर नहीं, बल्कि उसके अपने परिजनों पर हैं। बताया जा रहा है कि यह उत्पीड़न कई वर्षों तक अलग-अलग समय पर होता रहा, लेकिन परिवार को भनक तक नहीं लगी।
पुलिस ने बच्ची के पिता और चचेरे भाई को गिरफ्तार कर लिया है। दो अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। आरोपियों के खिलाफ Protection of Children from Sexual Offences Act (पॉक्सो अधिनियम) के तहत चार अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं, क्योंकि घटनाएं अलग-अलग तारीखों पर हुई थीं।
पुलिस के अनुसार, बच्ची के साथ पहली बार आठ वर्ष की उम्र में उसके मामा ने कथित दुष्कर्म किया था। उस समय आरोपी को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन जमानत पर रिहा होने के बाद उसने आत्महत्या कर ली। इसके बाद बच्ची बाल कल्याण समिति द्वारा संचालित एक गृह में रह रही थी। वर्ष 2022 में पिता उसे वहां से वापस लाए और एक रिश्तेदार की देखरेख में छोड़ दिया, जिसके बाद कथित रूप से फिर से उत्पीड़न की घटनाएं शुरू हुईं।
दोस्त को बताया, तब खुला राज
मामले का खुलासा तब हुआ जब बच्ची ने अपने एक दोस्त को आपबीती बताई। दोस्त ने अपने माता-पिता को जानकारी दी और उन्होंने पुलिस को सूचित किया। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
⚠️ यदि किसी बच्चे के साथ दुर्व्यवहार की आशंका हो, तो तुरंत 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) या स्थानीय पुलिस से संपर























Total Users : 807325
Total views : 2508569