
हंटरगंज (चतरा)। जिले के हंटरगंज थाना क्षेत्र में मंगलवार दोपहर तेज रफ्तार एक बार फिर जानलेवा साबित हुई। डुमरी स्थित पंजाब नेशनल बैंक के समीप चतरा-डोभी मुख्य पथ पर एक तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर बिजली के खंभे के अर्थिंग तार से टकराते हुए सरदार राकेश सिंह की सीमेंट दुकान के पास पलट गई। हादसे में बाइक सवार एक छात्र और दो छात्राएं गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तीनों छात्र-छात्राएं 10वीं बोर्ड की परीक्षा देकर हंटरगंज से घर लौट रहे थे। दुर्घटना इतनी अचानक और तेज थी कि सड़क पर मौजूद लोग कुछ पल के लिए सहम गए। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को निजी वाहनों से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हंटरगंज पहुंचाया। सूचना मिलते ही थाना के सब इंस्पेक्टर बीरेंद्र तिवारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। चिकित्सा प्रभारी डॉ. वेद प्रकाश एवं चिकित्सकों ने दो घायलों की हालत गंभीर बताते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए गया स्थित मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। घायलों की पहचान वशिष्ठ नगर (जोरी थाना क्षेत्र) के सरदम निवासी रिशु कुमार (16), लीचड़ी निवासी मनोरमा कुमारी (16) और होसिल निवासी ललिता कुमारी (16) के रूप में हुई है। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है। घटना ने एक बार फिर नाबालिगों द्वारा बाइक चलाने की प्रवृत्ति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। तीनों की उम्र 18 वर्ष से कम बताई जा रही है और इनके पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था। इसके बावजूद तेज रफ्तार में बाइक चलाना न केवल इनके लिए बल्कि सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों के लिए भी खतरा बन रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अभिभावकों की लापरवाही और ढील के कारण नाबालिग बच्चे सड़कों पर फर्राटा भरते नजर आते हैं। यातायात नियमों की जानकारी के बिना वाहन चलाना गंभीर दुर्घटनाओं को न्योता देता है। पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा समय-समय पर अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन जरूरत है कि अभिभावक स्वयं जागरूक हों और नाबालिग बच्चों को वाहन न सौंपें। रफ्तार पर लगाम और नियमों का पालन ही ऐसे हादसों को रोकने का एकमात्र उपाय है।





















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