जंगल में मिला एक अधजला शव… न पहचान, न कोई सुराग… महीनों तक पुलिस के लिए यह एक ऐसा रहस्य बना रहा, जिसे सुलझाना आसान नहीं था। लेकिन जब सच सामने आया, तो उसने रिश्तों, भरोसे और इंसानियत—तीनों को झकझोर कर रख दिया।
जशपुर नगर क्षेत्र के तुरीटोंगरी इलाके में जंगल से मिले अधजले शव के मामले में पुलिस ने एक बड़े और सनसनीखेज खुलासे के साथ अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली है। जांच में सामने आया कि इस जघन्य हत्या के पीछे मृतक की पत्नी ही मास्टरमाइंड थी। पुलिस के अनुसार, अक्टूबर 2025 में जंगल से बरामद अज्ञात शव की पहचान डीएनए जांच के बाद महावीर राम भगत के रूप में हुई। पहचान होते ही जब पुलिस ने मृतक की पत्नी सुमित्रा भगत से गहन पूछताछ की, तो उसने अंततः अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
आरोपी महिला ने बताया कि पति की शराब की लत और लगातार होने वाली मारपीट से वह लंबे समय से मानसिक तनाव में थी। घटना वाले दिन घरेलू विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से और आवेश में आकर उसने गैंती से हमला कर पति की हत्या कर दी। हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के इरादे से आरोपी महिला ने अपनी दो नाबालिग बेटियों और पास में रहने वाले एक नाबालिग लड़के की मदद से शव को जंगल में ले जाकर पेट्रोल डालकर जला दिया, ताकि उसकी पहचान न हो सके और मामला रहस्य बना रहे।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई गैंती, पेट्रोल की जरकीन और अन्य सामग्री बरामद कर ली है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में गठित विशेष जांच टीम की सतर्कता और तकनीकी जांच के चलते यह ब्लाइंड मर्डर केस सुलझ पाया। फिलहाल मुख्य आरोपी महिला को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि तीनों नाबालिगों को बाल संरक्षण कानून के तहत बाल संप्रेषण गृह में रखा गया है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की आगे भी गहराई से जांच कर रही है।
यह घटना घरेलू हिंसा, मानसिक उत्पीड़न और पारिवारिक संवाद की कमी जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों की ओर भी इशारा करती है, जिन्हें समय रहते नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।




















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