कभी घर का भरोसेमंद रिश्ता, कभी अपनेपन का सहारा—लेकिन जब भावनाएं स्वार्थ और जलन में बदल जाती हैं, तो वही रिश्ते जानलेवा बन जाते हैं। एक युवक, जो नई ज़िंदगी बसाने का सपना देख रहा था, उसे सबसे करीब के लोगों ने ही ज़हर दे दिया। यह कहानी सिर्फ एक हत्या की नहीं, बल्कि उस साजिश की है, जिसमें प्रेम, शक और धोखे ने मिलकर इंसानियत को मात दे दी।
रांची जिला के तमाड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत लोधमा गांव में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। प्रेम प्रसंग और शादी के विवाद में एक महिला ने अपने पति के साथ मिलकर अपने ही चचेरे देवर की जहर देकर हत्या कर दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया है। बुंडू डीएसपी ओमप्रकाश ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि मृतक शंकर नायक के माता-पिता की करीब एक वर्ष पूर्व बीमारी के कारण मृत्यु हो गई थी। इसके बाद शंकर घर में अकेला रहने लगा। उसकी चचेरी भाभी गीता देवी ही उसके खाने-पीने और घर के कामकाज का ध्यान रखती थी। इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और प्रेम प्रसंग शुरू हो गया।
कुछ समय बाद शंकर नायक ने शादी कर अपना अलग परिवार बसाने का निर्णय लिया और लड़की देखने जाने लगा। यह बात गीता देवी को स्वीकार नहीं थी। उसे डर था कि शंकर की शादी हो जाने के बाद वह उससे दूर हो जाएगा। इसी जलन और नाराजगी में गीता देवी ने अपने पति बलदेव मछुवा के साथ मिलकर शंकर को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।
शक से बचने के लिए पति को भी पिलाई ‘जहरीली’ चाय
पुलिस जांच में सामने आया कि 6 फरवरी को योजना के तहत शंकर नायक को चाय में कीटनाशक दवा मिलाकर पिला दी गई। लोगों को भ्रमित करने और शक से बचने के लिए वही चाय आरोपी महिला ने अपने पति को भी दी, लेकिन पहले से ही उसने पति को चाय न पीने की हिदायत दे दी थी। इसके बाद आरोपी पति ने तबीयत खराब होने का नाटक किया और इलाज के लिए बुंडू अस्पताल पहुंच गया, ताकि किसी को संदेह न हो। वहीं चाय पीने के कुछ ही देर बाद शंकर नायक की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसके मुंह से झाग निकलने लगा। गंभीर हालत में उसके भाई सुकरा नायक उसे इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल, जमशेदपुर ले गए, जहां इलाज के दौरान उसी दिन उसकी मौत हो गई। इसके बाद एमजीएम अस्पताल में ही शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
भाई की शिकायत से खुला राज
पोस्टमार्टम के बाद 7 फरवरी को शव गांव लाया गया। मामले को संदिग्ध मानते हुए मृतक के भाई सुकरा नायक ने 9 फरवरी को तमाड़ थाना में लिखित आवेदन दिया। आवेदन के आधार पर तमाड़ थाना कांड संख्या 11/2026 के तहत धारा 103(1), 123 एवं 3(5) बीएनएस में मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी ओमप्रकाश के नेतृत्व में विशेष जांच टीम का गठन किया गया। तमाड़ थाना प्रभारी प्रवीण कुमार मोदी और पुलिस टीम ने साक्ष्य, तकनीकी जांच और पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम का पर्दाफाश किया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि हत्या पूर्व नियोजित साजिश के तहत की गई थी। पुलिस ने आरोपी गीता देवी (35 वर्ष) और उसके पति बलदेव मछुवा (38 वर्ष), दोनों निवासी लोधमा, थाना तमाड़, जिला रांची, को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।





















Total Users : 800645
Total views : 2499588