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AK 47 लहराकर पुलिस को चुनौती देने वाले गेगस्टर का थम गया खौफ का खेल, एनकाउंटर में हुआ ढेर, VDO में टाइगर की अपराधीक हिस्ट्री …

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खुलेआम एके 47 लहराकर पुलिस को चुनौती देने वाला गेंगस्टर उत्तम यादव का अंत भी गोली से और उसके गृह जिले चतरा में ही हुआ। ज्ञात हो कि एके 47 थामे खड़े होकर वीडियो बनाते हुए उत्तम यादव ने पुलिस से कहा था, मुझे पकड़ लो अगर हिम्मत है! चतरा-हजारीबाग के व्यापारियों को लेवी वसूलने और गोली मारने की धमकी देकर वो रातों की नींद उड़ाते रहता था। उसके सिर पर बिहार पुलिस का 50 हजार का इनाम था, लेकिन वो हमेशा पुलिस को चकमा देता रहा। लेकिन 20 सितंबर को झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत जाबड़ा क्षेत्रे में हजारीबाग और चतरा पुलिस की संयुक्त टीम ने उत्तम यादव को घेर लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार पुलिस की टीम सड़क पर तैनात थी और जैसे ही उत्तम बाइक से पहुंचा तो पुलिस को देख गोलीबारी शुरू कर दी, वहीं जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे ढेर कर दिया। घटनास्थल से एक पिस्टल और बाइक बरामद की गई है। हजारीबाग एसपी अंजनी अंजन कहना है कि ये लंबे पीछा की कामयाबी है। उत्तम के शव को चतरा सदर अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के उपरांत परिजनों को सौंप दिया गया। उसके बाद रविवार को परिजनों द्वारा उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। ज्ञात हो कि उत्तम यादव बिहार पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था और उसके सिर पर 50 हजार रुपये का इनाम था। वो हत्या, लूट,जबरन वसूली और अवैध हथियारों के कई मामलों में वांक्षीत था। बिहार के विभिन्न जिलों में दर्ज केसों में वो व्यापारियों को धमकाने और ठेकेदारों को लेवी मांगने के लिए कुख्यात था। उसका टाइगर ग्रुप गैंग सीमा पार अपराध करता था। जिसके कारण बहार-झारखंड दोनों राज्यों की पुलिस अलर्ट रहती थी। मार्च में एक वीडियो में उसने पुलिस को खुला चौलेंज दिया था, जो वायरल हो गया था। उपरोक्त घनाओं ने उसे मोस्ट वांटेड के लिस्ट में शुमार कर दिया था।


उत्तम की अपराध की कहानी 2010 के करीब से शुरू हुई थी जब वो छोटे-मोटे लेवी वसूली किया करता था। अपराध के इसी क्रम को लगातार आगे बढ़ाते उसका बड़ा गैंग बन गया। झारखंड के चतरा और हजारीबाग में दर्जनों हत्या, डकैती, गोली चलाने और उगाही के आरोप थे। जुलाई 25 में उसके गैंग ने हजारीबाग के एक गोल्ड मर्चेंट की दुकान पर फायरिंग की जिसकी जिम्मेदारी उत्तम ने वीडियो में ली। दो महीने पहले एक कार्बाइन थामे व्यापारियों को धमकाते वीडियो जारी किया था। उत्तम यादव के गैंग के 9 सदस्य जुलाई में गिरफ्तार हुए थे। जो साबित करता है कि उसका नेटवर्क कितना फैला था। पुलिस के अनुसार कुल 20 से ज्यादा केसों में वो फरार चल रहा था, लेकिन पुलिस की गोली ने उसका पीछा कर दुनिया से अंत कर दिया। वर्ष 2021 में छेड़खानी की घटना के बाद उत्तम यादव का चतरा से मोह भंग हो गया। इस घटना के बाद से उत्तम के विरुद्ध चतरा में कोई नया मामला दर्ज नहीं हुआ है। बताया जाता है कि उत्तम यादव चतरा छोड़ने के बाद बिहार में अपराधिक गतिविधियों का संचालन कर रहा था। लगभग एक वर्ष पूर्व बिहार सरकार ने उत्तम यादव के विरुद्ध 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। जानकारी के अनुसार इनाम घोषित किए जाने के बाद उत्तम यादव ने पड़ोसी देश नेपाल में अपना ठीकाना बना लिया था।

उत्तम यादव के घर की स्थिति आज भी दयनीय, मां बेचती है दुध, भाई दिहाड़ी मजदूर अपराध की दुनिया में भले ही उत्तम यादव ने अपना नाम कमाया था। लेकिन उसके घर की स्थिति आज भी दयनीय है। उत्तम यादव के पिता कन्हाई यादव वृद्धा अवस्था में भी एक व्यवसाई के घर में नौकरी करते हैं व उसकी मां आज भी दूध बेचकर गुजारा करती हैं। जबकि उसका बड़ा भाई दिहाड़ी मजदूर है। अपराध में शामिल होने के बाद परिजनों ने इससे नाता तोड़ लिया था।

हजारीबाग में श्री ज्वेलर्स नामक दुकान पर गोलीबारी की घटना के बाद उत्तम यादव चतरा जिले के कोयलांचल क्षेत्र टंडवा में अपना पैर जमाने के फिराक में था। पिछले कुछ दिनों से टंडवा क्षेत्र में इसकी चहल कदमी बढ़ी हुई थी। बताया जाता है कि टंडवा क्षेत्र में सक्रिय होने के बाद हजारीबाग पुलिस की टीम लगातार इसका पीछा कर रही थी और शनिवार को सटीक लोकेशन मिलने के बाद पुलिस ने उसे ढ़ेर कर दिया।

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