टंडवा थाना से जुड़े शिकायत केस 190/2022 में पुलिस को गिरफ्तारी कर अदालत में पेश करने का निर्देश
चतरा। टंडवा थाना क्षेत्र से जुड़े शिकायत केस संख्या 190/2022 में चतरा सिविल कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए तीन आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया है। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी एस.एस. तिर्की की अदालत से 25 जुलाई 2026 को जारी वारंट में टंडवा थाना प्रभारी को संबंधित आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
न्यायालयी दस्तावेजों के अनुसार, वारंट निलेश ज्ञानसेन उर्फ सोनू सिन्हा, विनोद कुमार शर्मा उर्फ विनोद ठाकुर और गणेश सिंह के नाम से जारी किया गया है। मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 341, 504 और 379 का उल्लेख है।
13 अगस्त को थी अगली पेशी
वारंट में पुलिस को कार्रवाई करते हुए आरोपियों को न्यायालय में पेश करने का निर्देश दिया गया था। दस्तावेज के मुताबिक, 13 अगस्त 2026 को मामले की अगली पेशी निर्धारित थी और इसी अवधि तक पुलिस को एक्जीक्यूशन रिपोर्ट भी न्यायालय में प्रस्तुत करनी थी।
हालांकि, उपलब्ध न्यायालयी दस्तावेजों से यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि गैर-जमानती वारंट के आधार पर तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है या नहीं। ऐसे में अब वारंट के अनुपालन को लेकर टंडवा पुलिस की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
खनिज वाहनों को रोकने का मामला भी चर्चा में
मामले से जुड़े सोनू सिन्हा का नाम टंडवा क्षेत्र में खनिज संपदा से जुड़े वाहनों को रोकने की घटनाओं को लेकर भी चर्चा में रहा है। एनबीडब्ल्यू जारी होने के बाद यह मामला स्थानीय स्तर पर एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
इधर, सोनू सिन्हा ने अपने पक्ष में कहा कि “मुझे एक ही केस में तीन लोगों को अलग-अलग करके केस कर परेशान किया जा रहा है। मुझे न्यायालय पर पूरा भरोसा है।” फिलहाल यह स्पष्ट होना बाकी है कि न्यायालय द्वारा जारी गैर-जमानती वारंट पर पुलिस ने क्या कार्रवाई की है और उसकी रिपोर्ट अदालत में क्या प्रस्तुत की गई है।
महत्वपूर्ण: गैर-जमानती वारंट जारी होना आरोप सिद्ध होने के समान नहीं है। मामले में आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही होगा।























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