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बाल अपराध, पॉक्सो एक्ट एवं साइबर क्राइम के प्रति छात्र-छात्राओं को किया गया जागरूक
गुमला: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार रांची के निर्देशानुसार तथा माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार गुमला, अजीत कुमार सिंह के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए), गुमला द्वारा नालसा की ‘सुरक्षित बचपन’ पहल के तहत आज डीएवी पब्लिक विद्यालय गुमला, उर्सलाईन कॉन्वेंट गुमला, संत इग्निसियस उच्च विद्यालय गुमला में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों, बाल अपराधों से बचाव, लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) तथा साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना और उन्हें सुरक्षित वातावरण में रहने के लिए आवश्यक कानूनी जानकारी प्रदान करना था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह प्रभारी अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गुमला संजय कुमार सिंह ने छात्र-छात्राओं को बाल अपराधों की विभिन्न श्रेणियों, बच्चों के कानूनी अधिकारों तथा किसी भी प्रकार के शोषण एवं उत्पीड़न से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह कानून बच्चों को लैंगिक अपराधों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए बनाया गया है। उन्होंने बच्चों को अपने साथ होने वाले किसी भी अनुचित व्यवहार, शोषण अथवा उत्पीड़न के प्रति सतर्क रहने तथा ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर बिना भय या संकोच के अपने अभिभावकों, शिक्षकों अथवा संबंधित अधिकारियों को जानकारी देने के लिए प्रेरित किया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव राम कुमार लाल गुप्ता ने कहां की बच्चों को यौन उत्पीड़न एवं साइबर क्राइम जैसे मामलों में सतर्क रहने की आवश्यकता है आज के परिवेश में बच्चों के साथ लैंगिक अपराध बढ़ता जा रहा है ऐसी स्थिति में बच्चों को लैंगिक अपराध से बचाव के लिए जागरूकता की आवश्यकता है। बच्चों को गुड टच बेड टच के विषय में जानकारी रखना होगा तथा गलत संगत से दूर रहना होगा। सचिव महोदय ने पोक्सो एक्ट, जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की विस्तृत रूप से जानकारी बच्चों को दी। उन्होंने विद्यार्थियों को बाल अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी बच्चे के साथ अन्याय या शोषण होने की स्थिति में संबंधित प्राधिकार को सूचित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बच्चों का सुरक्षा, सम्मान एवं अधिकारों का संरक्षण समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने, गलत व्यवहार का विरोध करने तथा किसी भी समस्या की स्थिति में उचित सहायता लें ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गुमला साइबर सेल प्रभारी श्री निखिल आनंद एवं पुलिस अवर निरीक्षक तरुण कुमार ने साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के संदर्भ में विद्यार्थियों को इंटरनेट और सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि अनजान व्यक्तियों के साथ व्यक्तिगत जानकारी, पासवर्ड, ओटीपी अथवा निजी तस्वीरें साझा नहीं करनी चाहिए। ऑनलाइन माध्यम से किसी प्रकार की धमकी, धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग या उत्पीड़न का सामना करने पर चुप रहने के बजाय विश्वसनीय वयस्कों तथा संबंधित प्राधिकार को इसकी सूचना देनी चाहिए। उन्होंने बच्चों को डिजिटल माध्यमों का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने और ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति सजग रहने का संदेश दिया।
स्थायी लोक अदालत के सदस्य श्री शंभू सिंह ने किशोर न्याय अधिनियम से संबंधित कानूनी प्रावधानों एवं उसकी भूमिका के बारे में विद्यार्थियों को अवगत कराया। उन्होंने बच्चों के संरक्षण, देखभाल एवं पुनर्वास से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए बताया कि जरूरतमंद और कठिन परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न कानूनी एवं संस्थागत व्यवस्थाएं मौजूद हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को बाल अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी बच्चे के साथ अन्याय या शोषण होने की स्थिति में संबंधित प्राधिकार को सूचित करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में पैनल लॉयर सुधीर पांडे, एलएडीसी इंदू पांडे जेजेबी मेंबर कृपा खेस एवं मुनीर भुट्टो ने भी बच्चों को पोक्सो एक्ट एवं किशोर न्याय अधिनियम तथा अन्य प्रक्रिया के बारे में बताया
जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गुमला द्वारा आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को कानूनी जानकारी प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें बाल अपराधों, यौन शोषण तथा साइबर अपराधों से बचाव के प्रति सजग बनाना और सुरक्षित बचपन की अवधारणा को मजबूत करना रहा।















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