आलू, चना और खेसारी की खेती पर भी असर; खेतों में जमा हुआ पानी, कृषि विभाग से जायजा लेने की मांग
चतरा | अर्णव चक्रवात के प्रभाव से चतरा जिले में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ गई हैं। हंटरगंज प्रखंड समेत जिले के विभिन्न हिस्सों में खेतों में लगी धान की फसल के साथ आलू, चना और खेसारी की खेती पर बुरा असर पड़ रहा है।
किन इलाकों में है असर?
हंटरगंज प्रखंड के खुटीकेवाल, ढेबो, केदली, उरैली, जबड़ा, चकला, अकौना और कोबना समेत सैकड़ों ग्रामीण इलाकों के किसान इस समय धान की फसल समेटने और रबी फसलों की बुवाई की तैयारी में जुटे थे। लेकिन लगातार बारिश ने उनकी योजनाओं पर पानी फेर दिया है।
खेतों में जमा हो रहा पानी
लगातार बारिश के चलते खेतों में पानी जमा होने लगा है। इससे धान की फसल के सड़ने या खराब होने की आशंका बढ़ गई है। वहीं, जिन किसानों ने आलू, चना और खेसारी की खेती की है, वे भी मौसम की इस मार से परेशान हैं।
आर्थिक नुकसान की चिंता
किसान रामबली कुमार ने बताया कि खेती में खाद, बीज और मजदूरी पर पहले ही भारी खर्च हो चुका है। अगर इस बारिश से फसल खराब हो गई, तो उनकी आर्थिक स्थिति बुरी तरह प्रभावित होगी। फिलहाल सभी किसान मौसम साफ होने और धूप निकलने का इंतजार कर रहे हैं।
मुआवजे की मांग
प्रभावित किसानों ने कृषि विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर फसलों के नुकसान का सही आकलन किया जाए। किसानों का कहना है कि यदि फसल बर्बाद हुई है, तो उन्हें उचित मुआवजा मिलना चाहिए, ताकि उन्हें कुछ राहत मिल सके और वे अगली फसल के लिए तैयार हो सकें।



















Total Users : 1250963
Total views : 3110394