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पुश्तैनी जमीन की कथित दोहरी जमाबंदी, उपायुक्त से जांच की गुहार

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लगाया फर्जी हुकुमनामा से बेदखली के प्रयास का आरोप, सीओ की कार्यशैली पर भी उठे सवाल

कुंदा (चतरा)। कुंदा प्रखंड के काशीलौंग निवासी सोहन भारती ने अपनी पुश्तैनी जमीन की कथित तौर पर दोहरी जमाबंदी कायम किए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने चतरा उपायुक्त को आवेदन देकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है। आवेदन मौजा काशीलौंग के खाता संख्या 03, प्लॉट संख्या 89 और 101 की कुल 2.17 एकड़ जमीन से जुड़ा है।

आवेदन में सोहन ने बताया कि यह जमीन उनके पूर्वजों की है और उनका परिवार करीब 50 वर्षों से कब्जे में रहकर इस पर खेती कर रहा है। जमीन पर परिवार के 5-6 घर भी बने हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बौधाडीह निवासी मुखिया पति विनोद साव (पिता स्व. कारू साव) ने कथित फर्जी हुकुमनामे के सहारे उन्हें बेदखल करने की कोशिश की।

आवेदक के अनुसार, इस मामले में अपर समाहर्त्ता के समक्ष आवेदन दिया गया था। अपर समाहर्त्ता ने कारू साव के नाम की जमाबंदी को संदिग्ध मानते हुए 17 नवंबर 2025 को पत्रांक XV43/2025, 2545/रा० के जरिए अंचल अधिकारी, कुंदा को विधिवत सुनवाई कर नियमसम्मत आदेश पारित करने का निर्देश दिया था। सोहन का कहना है कि मामला अब भी अंचल अधिकारी के पास लंबित है और कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

इसी बीच उन्हें पता चला कि 17 जून 2026 को इसी जमीन की जमाबंदी श्याम बहादुर सिंह (पिता शमशेर सिंह) के नाम कायम कर दी गई। उनका यह भी आरोप है कि श्याम बहादुर सिंह ने उनके विपक्षी विनोद साव के पक्ष में विक्रय-विलेख निबंधित कराया है।

वहीं, प्रमुख प्रतिनिधि जयराम भारती ने भी अंचल अधिकारी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। सोहन भारती ने उपायुक्त से पूरे प्रकरण की जांच कर जमीन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

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