दस वर्षों से भक्ति की अलख जगाने वाले कथावाचक की अचानक मौत से स्तब्ध रह गए श्रद्धालु, परिजनों ने जताया संदेह, पुलिस कर रही जांच
इटखोरी (चतरा)। चतरा जिले में स्थित प्रसिद्ध मां भद्रकाली मंदिर, इटखोरी परिसर की अखंड कीर्तन मंडली के मुख्य पुजारी एवं कथावाचक स्वामी श्रीनिवासाचार्य (उर्फ अमन द्विवेदी), जो उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के नरही थाना क्षेत्र के भरवली गांव के निवासी थे, के शव को शनिवार को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई।
जानकारी के अनुसार, करीब दस वर्षों से भक्ति की ज्योति जलाने वाले स्वामी श्रीनिवासाचार्य ने शुक्रवार शाम अपने आवास में जान दे दी थी। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अभिषेक कुमार सिंह, सीओ सबिता सिंह एवं डॉ. मृत्युंजय सिंह घटनास्थल पर पहुंचे और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

शनिवार सुबह शव का सदर अस्पताल, चतरा में पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद करीब 11 बजे इटखोरी चौक पर शव वाहन को फूलों से सजाकर लोगों ने उन्हें ससम्मान श्रद्धांजलि अर्पित की और नम आंखों से बिहार के लिए विदा किया।
इस मामले में परिजनों ने थाने में लिखित आवेदन देकर कुछ पुजारियों पर संदेह जताया है, जिसकी फिलहाल पुलिस जांच कर रही है। यह आरोप परिजनों की ओर से लगाया गया है, जिसकी अब तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। ज्ञात सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार दोपहर मंदिर के किसी ब्राह्मण से उनकी कहा-सुनी हुई थी, जिससे वे काफी आहत थे।
इस मौके पर बीरेंद्र सिंह, राम दहिन सिंह, श्याम सिंह, मुन्ना सिंह, टुन्नी सिंह, नितेश सिंह, सुरेंद्र केशरी, विजय चौरसिया, सत्यनारायण सिंह, शक्ति सिंह समेत सैकड़ों की संख्या में धर्मप्रेमी उपस्थित थे। स्वामी श्रीनिवासाचार्य पिछले कुछ वर्षों से इटखोरी एवं चौपारण के आध्यात्मिक कार्यों में काफी सक्रिय थे। उनकी आकस्मिक मौत से उनके चाहने वाले और स्थानीय लोग स्तब्ध हैं। घटना के बाद से क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की चर्चाएं चल रही हैं। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है।


















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