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विनोबा भावे विश्वविद्यालय में एक लाख से अधिक उत्तरपुस्तिकाएं बाहर भेजे जाने का मामला गरमाया

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झारखंड छात्र मोर्चा ने की स्वतंत्र उच्चस्तरीय जांच की मांग, राज्यपाल-सह-कुलाधिपति से गुहार

हजारीबाग, संवाददाता। विनोबा भावे विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग में एक लाख से अधिक उत्तरपुस्तिकाओं को योगदा सत्संग महाविद्यालय भेजे जाने तथा शिक्षकों द्वारा उत्तरपुस्तिकाओं को घर ले जाकर जांच किए जाने से संबंधित समाचार सामने आने के बाद झारखंड छात्र मोर्चा ने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

“व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल” — चंदन सिंह

झारखंड छात्र मोर्चा के अध्यक्ष चंदन सिंह ने कहा कि मामला केवल एक कॉलेज में कॉपियां भेजे जाने का नहीं है, बल्कि यह विश्वविद्यालय की पूरी परीक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता, उत्तरपुस्तिकाओं की सुरक्षा और परीक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

उन्होंने कहा कि एक लाख से अधिक उत्तरपुस्तिकाएँ कोई सामान्य कागज नहीं, बल्कि हजारों विद्यार्थियों के भविष्य का दस्तावेज हैं। यदि इन्हें निर्धारित प्रक्रिया से हटकर कहीं भेजा गया है या घरों में ले जाकर जांच की गई है, तो यह जानना जरूरी है कि ऐसा किसके आदेश पर हुआ।

पुराने विवादों से जोड़कर देखा मामला

उन्होंने कहा कि इस मामले को विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग से जुड़े पुराने विवादों से अलग करके नहीं देखा जा सकता —

  • पूर्व में विद्यार्थियों से परीक्षा शुल्क जमा किए जाने के बावजूद राशि विश्वविद्यालय के खाते में जमा नहीं होने के आरोप लगे थे
  • ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बाद भी एडमिट कार्ड की छपाई के नाम पर वर्षों तक कार्यरत कंपनी को करोड़ों रुपये के भुगतान के आरोप भी गंभीर सवाल खड़े करते हैं

छात्र मोर्चा ने सवाल उठाया कि पूर्व में गठित जांच समितियों की रिपोर्ट और उस पर हुई कार्रवाई सार्वजनिक क्यों नहीं की गई।

पूरी श्रृंखला की जांच जरूरी — छात्र मोर्चा

छात्र मोर्चा ने कहा कि परीक्षा शुल्क से लेकर उत्तरपुस्तिका, मूल्यांकन, एडमिट कार्ड और भुगतान तक पूरी श्रृंखला की जांच किए बिना वास्तविक स्थिति सामने नहीं आ सकती।

इन दस्तावेजों को सुरक्षित कराने की मांग

झारखंड छात्र मोर्चा ने राज्यपाल-सह-कुलाधिपति से पूरे मामले में स्वतंत्र उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। संगठन ने जांच के दौरान निम्न दस्तावेजों को सुरक्षित कराने की मांग की —

  • उत्तरपुस्तिकाओं के आवंटन एवं प्राप्ति रजिस्टर
  • डिस्पैच रिकॉर्ड
  • मूल्यांकन संबंधी दस्तावेज
  • CCTV फुटेज
  • परीक्षा शुल्क के बैंक रिकॉर्ड
  • एडमिट कार्ड मुद्रण से संबंधित निविदा एवं भुगतान दस्तावेज
  • पूर्व गठित जांच समितियों की रिपोर्ट

⚖️ दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग

संगठन ने यह भी मांग की कि यदि जांच में अनियमितता अथवा किसी अधिकारी/एजेंसी की मिलीभगत प्रमाणित होती है, तो दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई और वित्तीय वसूली की जाए।

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