संचालक को भारी आर्थिक नुकसान, प्रशासन से मुआवजे की मांग
प्रतापपुर (चतरा), संवाददाता। पिछले तीन-चार दिनों से लगातार हो रही मूसलधार एवं झमाझम बारिश के बीच चतरा जिले के प्रतापपुर प्रखंड अंतर्गत प्रतापपुर-जोगियारा जोरी सड़क मार्ग पर स्थित मानवी होटल से थोड़ा पीछे संचालित मुर्गी फार्म 25 सितंबर की देर रात गिरकर ध्वस्त हो गया। इस हादसे में फार्म के अंदर रखी करीब साढ़े नौ क्विंटल मुर्गियां मलबे में दबकर मर गईं, जिससे फार्म संचालक को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
एक ही रात में हुआ बड़ा नुकसान
मुर्गी फार्म के प्रोपराइटर साधु यादव ने बताया कि 25 सितंबर को ही करीब साढ़े नौ क्विंटल मुर्गियां फार्म में लाकर रखी गई थीं। देर रात लगातार हो रही बारिश के बीच फार्म की दीवार अचानक गिर गई। सुबह जब वे मौके पर पहुंचे तो फार्म का हिस्सा पूरी तरह गिरा हुआ था और बड़ी संख्या में मुर्गियां मलबे के नीचे दबी पड़ी थीं। घटना के बाद आसपास के लोगों ने मौके पर पहुंचकर सहयोग किया। लोगों की सहायता से मलबा हटाया गया और उसके नीचे दबी मृत मुर्गियों को बाहर निकाला गया। बताया गया कि अधिकांश मुर्गियां मलबे के अंदर ही दबी हुई थीं।
मकान भी हुआ क्षतिग्रस्त
वहीं मोहम्मद शाहबुद्दीन अंसारी ने बताया कि उक्त मुर्गी फार्म उनके घर में ही संचालित था। लगातार बारिश के कारण उनका मकान भी गिर गया, जिससे उन्हें भी काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रशासन से मकान और मुर्गी फार्म को हुई क्षति का आकलन कराकर नियमानुसार राहत एवं मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है।
मुआवजे की मांग
साधु यादव ने प्रशासन से मांग की है कि यदि आपदा के तहत मुर्गी फार्म एवं मुर्गियों की क्षति के लिए किसी प्रकार की सहायता अथवा मुआवजा देने का प्रावधान है, तो उन्हें उसका लाभ दिलाया जाए। वहीं मोहम्मद शाहबुद्दीन अंसारी ने भी अपने क्षतिग्रस्त मकान और मुर्गी फार्म के नुकसान के लिए आपदा राहत के तहत उचित मुआवजा एवं पीड़ित सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
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