धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण संरक्षण का हवाला देकर परियोजना पर पुनर्विचार की मांग
हजारीबाग (झारखंड), न्यूज स्केल संवाददाता : झारखंड के हजारीबाग शहर की ऐतिहासिक झील परिसर में प्रस्तावित फ्लोटिंग रेस्टोरेंट के निर्माण और संचालन को लेकर स्थानीय नागरिकों ने आपत्ति जताई है। नागरिकों का कहना है कि झील शहर की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपराओं और विशेष रूप से छठ महापर्व से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल है। ऐसे में यहां व्यावसायिक गतिविधि शुरू करने से पहले धार्मिक, पर्यावरणीय और सार्वजनिक हित से जुड़े सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
झील परिसर में स्थल निरीक्षण के दौरान मनोज नारायण भगत, सुरजीत नगवाल, विनोद कुशवाहा, कृष्ण किशोर प्रसाद, धीरज सिंह, रमाकांत सिन्हा, ए.के. सिन्हा (रॉकी), डॉ. प्रकाश कुमार, अजय प्रजापति समेत बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। उपस्थित लोगों ने प्रस्तावित फ्लोटिंग रेस्टोरेंट को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।
झील को केवल जलस्रोत नहीं, धरोहर मानते हैं नागरिक
स्थल पर मौजूद नागरिकों ने कहा कि हजारीबाग झील केवल एक जलस्रोत नहीं है, बल्कि शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण सार्वजनिक धरोहर है। उनका कहना है कि झील परिसर में किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि शुरू करने से पहले इसके संभावित पर्यावरणीय प्रभाव और धार्मिक उपयोग पर पड़ने वाले असर का आकलन किया जाना चाहिए। नागरिकों ने प्रशासन से परियोजना पर पुनर्विचार करने और स्थानीय लोगों की आपत्तियों को गंभीरता से लेने की मांग की है।
डीसी और नगर आयुक्त से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल
स्थानीय नागरिकों की ओर से जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल हजारीबाग उपायुक्त (डीसी) और नगर आयुक्त से मुलाकात कर औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की तैयारी में है। प्रतिनिधिमंडल प्रशासन के समक्ष झील से जुड़ी धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक महत्व, पर्यावरणीय चिंताओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को रखेगा।
नागरिकों ने प्रस्तावित परियोजना को रद्द करने की मांग भी उठाई है। वहीं, परियोजना के संबंध में प्रशासन और संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही इसके निर्माण, संचालन और संभावित प्रभाव को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
न्यूज स्केल लाइव | भरोसे की पहचान
























Total Users : 1196843
Total views : 3035505