फ्लाई ऐश संघ ने 5 सितंबर से कोयला ढुलाई रोकने की दी चेतावनी, प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
टंडवा (चतरा)। टंडवा प्रखंड क्षेत्र में कोयला एवं राख की ढुलाई को लेकर टिप-टेलर और हायवा संचालन के बीच विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। दोनों वाहन संघों के बीच जारी खींचतान का असर एनटीपीसी परियोजना के संचालन पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। एक ओर हायवा एसोसिएशन टिप-टेलर से राख की ढुलाई रोकने की मांग को लेकर एनटीपीसी में हायवा से होने वाली कोयला आपूर्ति को प्रभावित करने का दबाव बना रहा है, वहीं परियोजना से विस्थापित परिवारों से जुड़े फ्लाई ऐश एसोसिएशन ने भी अब इसका विरोध तेज कर दिया है।
बताया गया कि एनटीपीसी परियोजना में प्रतिदिन बड़ी मात्रा में गीली राख का उत्पादन होता है, जबकि परियोजना के संचालन के लिए प्रतिदिन बड़ी मात्रा में कोयले की आवश्यकता होती है। ऐसे में कोयला और राख की ढुलाई को लेकर वाहन संघों के बीच उत्पन्न विवाद परियोजना के लिए परेशानी का कारण बनता जा रहा है।
प्रशासन को पत्र सौंपकर आंदोलन की चेतावनी
गुरुवार को फ्लाई ऐश एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने अनुमंडल पदाधिकारी सिमरिया, एनटीपीसी के एचओपी, एसडीपीओ टंडवा, अंचल अधिकारी एवं थाना प्रभारी को पत्र सौंपकर मामले में सकारात्मक पहल की मांग की। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान नहीं किया गया तो 5 सितंबर से एनटीपीसी में कोयले की ढुलाई करने वाले हायवा वाहनों को रोकने का निर्णय लिया जा सकता है।
पत्र में फ्लाई ऐश एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि हायवा संघ अपने निजी हितों को लेकर एनटीपीसी प्रबंधन एवं प्रशासन पर अनुचित दबाव बना रहा है। संघ का कहना है कि टिप-टेलर से राख की ढुलाई को लेकर उत्पन्न विवाद का समाधान बातचीत एवं प्रशासनिक हस्तक्षेप के माध्यम से किया जाना चाहिए।
फिलहाल टिप-टेलर और हायवा वाहन संघ परिचालन से जुड़े विवाद को लेकर आमने-सामने हैं। दोनों पक्षों के बीच बढ़ती तनातनी को देखते हुए यदि समय रहते प्रशासनिक स्तर पर सकारात्मक पहल नहीं की गई तो क्षेत्र में आपसी टकराव की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका बनी हुई है। पत्र पर फ्लाई ऐश एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद पांडेय, सचिव जियाउल हक अंसारी एवं कोषाध्यक्ष अजीत पांडेय के हस्ताक्षर दर्ज हैं।



















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