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रेल लाइन का विरोध, काली पट्टी लगाकर ग्रामीणों का प्रदर्शन

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अम्रपाली-चंद्रगुप्त परियोजना से शिवपुर-कठौतिया रेल लाइन जोड़ने का विरोध; ग्रामसभा का 20वां प्रयास भी ग्रामीणों के दबाव में टला

टंडवा/चतरा। चतरा जिले के टंडवा थाना क्षेत्र अंतर्गत सेरनदाग में अम्रपाली-चंद्रगुप्त कोल परियोजना से शिवपुर-कठौतिया मुख्य रेलवे लाइन को जोड़ने के लिए प्रस्तावित रेल लाइन निर्माण का ग्रामीणों ने जोरदार विरोध किया। शुक्रवार को प्रस्तावित ग्रामसभा के विरोध में स्थानीय ग्रामीणों ने सेरनदाग बाजार टांड़ में दुकानें बंद रखीं और काली पट्टी लगाकर अपना विरोध जताया।

टंडवा अंचल कार्यालय की ओर से जारी ज्ञापांक-772, दिनांक 18 अगस्त 2026 में सेरनदाग में रेल लाइन निर्माण के लिए प्रस्तावित भूमि के भू-हस्तांतरण को लेकर वनाधिकार अधिनियम-2006 के तहत ग्रामसभा आयोजित करने की सूचना दी गई थी। पत्र के अनुसार ग्रामसभा 21 अगस्त 2026 को सुबह 11 बजे बाजार टांड़ में निर्धारित थी।

20वीं बार ग्रामसभा कराने का प्रयास

ग्रामीणों का आरोप है कि रेल लाइन निर्माण के लिए अनापत्ति लेने को लेकर प्रशासन और सीसीएल की ओर से यह 20वां प्रयास था। ग्रामीणों के भारी विरोध के बीच ग्रामसभा को स्थगित किए जाने की बात सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि वे प्रस्तावित रेल लाइन और इसके लिए भूमि अधिग्रहण का पूरी तरह विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि विरोध के बावजूद प्रशासन की ओर से बार-बार ग्रामसभा कराने का प्रयास किया जा रहा है।

अंचल कार्यालय के दस्तावेज के अनुसार, सेरनदाग में रेल लाइन निर्माण के लिए प्रस्तावित भूमि में जंगल एवं जंगल-झाड़ी की जमीन भी शामिल है। पूर्व में भी वनाधिकार अधिनियम-2006 के तहत एफआरए/एनओसी के लिए ग्रामसभा आयोजित की गई थी, जिसे अपरिहार्य कारणों से स्थगित किया गया था।

297 एकड़ भूमि को लेकर भी ग्रामीणों का विरोध

मामले से जुड़े सीसीएल के दस्तावेज में अम्रपाली-चंद्रगुप्त परियोजना के तहत सेरनदाग में रेलवे लाइन/लूप लाइन निर्माण के लिए प्रस्तावित भूमि का उल्लेख है। दस्तावेज में लगभग 297 एकड़ भूमि को अनावश्यक रूप से अधिग्रहित किए जाने को लेकर आपत्ति दर्ज होने की बात सामने आती है।

दस्तावेज में प्रस्तावित रेल लाइन के मानचित्र का पुनः सर्वेक्षण कराने, अनावश्यक भूमि को अधिग्रहण से मुक्त करने तथा ग्रामसभा में कथित अनियमितताओं और फर्जी हस्ताक्षरों की निष्पक्ष जांच की मांग का भी उल्लेख है। स्थानीय ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे रेल लाइन निर्माण और प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के पूरी तरह खिलाफ हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी सहमति के बिना किसी भी कीमत पर भूमि लेने का प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा।

दुकानें बंद कर काली पट्टी में प्रदर्शन

विरोध प्रदर्शन में गणेश प्रसाद उर्फ ललित साहु, मोहन साहु, पारस गुप्ता, कामेश्वर गुप्ता, मनोज साहु, त्रिवेणी साहु, चेतलाल साहु, राहुल कुमार, गौतम साहु, टेकन साहु, छक्कन साव, प्रयास साव समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे। ग्रामीणों ने कहा कि प्रस्तावित रेल लाइन और भूमि अधिग्रहण के खिलाफ उनका विरोध आगे भी जारी रहेगा। अब प्रशासन की ओर से ग्रामसभा की अगली तारीख और आगे की कार्रवाई पर ग्रामीणों की नजर बनी हुई है।

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