बैगा जनजाति की लोक संस्कृति और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति ने मोहा मन
कुंदा (चतरा)। शिक्षा और संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कुंदा प्रखंड के स्तरोन्नत +2 उच्च विद्यालय कुंदा के नवनिर्मित भवन में पुस्तकालय का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने फीता काटकर की।
नवनिर्मित पुस्तकालय में विद्यार्थियों के लिए पाठ्य पुस्तकों के अलावा सामान्य ज्ञान, प्रतियोगी परीक्षाओं एवं साहित्य से संबंधित पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं। विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजीव रंजन ने कहा कि पुस्तकालय शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और ज्ञान प्राप्त करने का एक नया माध्यम मिलेगा।
बैगा जनजाति की सांस्कृतिक प्रस्तुति रही आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बैगा जनजाति के लोगों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रम रहा। बैगा समुदाय के पुरुषों और महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में लोकगीत एवं नृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इसी क्रम में बैगा जनजाति के बुजुर्गों ने जंगल से प्राप्त विभिन्न जड़ी-बूटियों से औषधि तैयार करने की पारंपरिक विधि की जानकारी दी। उन्होंने जड़ी-बूटियों की पहचान और विभिन्न बीमारियों में उनके पारंपरिक उपयोग के बारे में बताया। इस पारंपरिक ज्ञान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया, ताकि आदिवासी चिकित्सा परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखा जा सके।
कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी साकेत कुमार सिन्हा, कुंदा पंचायत के मुखिया मनोज साहू, पीरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधि अमित भारती, पप्पू जी, गांधी फेलो सम्राट कुमार सिंह सहित विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजीव रंजन, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।






















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