मातमी जुलूस में ताशा पार्टियों के बीच हुआ मुकाबला, कर्बला मैदान में होगा पर्व का समापन
सिमरिया (चतरा)। सिमरिया प्रखंड में चेहल्लुम का पर्व अकीदत और गमगीन माहौल में मनाया जा रहा है। पर्व की पूर्व संध्या पर सोमवार को प्रखंड के लिपदा, सबानो, फतहा और बन्हें टांड़ स्थित विभिन्न अखाड़ों की ओर से भव्य मातमी जुलूस निकाला गया। जुलूस के दौरान ‘या हुसैन’ के गगनभेदी नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
धर्मावलंबियों ने कर्बला के शहीद हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत के 40वें दिन उन्हें याद करते हुए गहरी अकीदत पेश की। जुलूस में शामिल लोग इमाम हुसैन की शहादत के गम में डूबे नजर आए।
ताशा पार्टियों के बीच हुआ मुकाबला
इस बार मातमी जुलूस के दौरान विभिन्न अखाड़ों की ताशा पार्टियों के बीच बेहतर वादन का मुकाबला भी देखने को मिला। ताशा वादकों ने पारंपरिक एवं मातमी धुनों पर अपनी कला का प्रदर्शन किया। अखाड़ों के बीच हुई इस स्वस्थ प्रतियोगिता को देखने और ताशे की गूंज सुनने के लिए सड़कों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी।
स्थानीय लोगों ने ताशा वादकों की प्रस्तुतियों का खूब आनंद लिया। इस दौरान अखाड़ा कमेटियों और स्थानीय लोगों की ओर से पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने पर जोर दिया गया।
इमामबाड़ों में होगी फातिहा-नियाज
अखाड़ा कमेटियों के अनुसार, मंगलवार की रात लोग अपने-अपने क्षेत्र के इमामबाड़ों में जुटेंगे। यहां मुल्क में अमन-चैन और भाईचारे की दुआ के साथ हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए फातिहा-नियाज का दौर चलेगा।
चेहल्लुम का आधिकारिक समापन सिमरिया में बुधवार और डाड़ी में गुरुवार को होगा। सिमरिया के पारंपरिक कर्बला मैदान में सभी अखाड़े अपने-अपने निशान के साथ जुटेंगे, जहां अंतिम फातिहा पढ़ी जाएगी। इस अवसर पर कर्बला मैदान में विशाल मेले का भी आयोजन होगा, जिसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पर्व को लेकर सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद है।






















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