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60 लाख के जेवरात चोरी कांड का खुलासा, गुलगुलिया गिरोह का सदस्य गिरफ्तार

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ग्राहक बनकर की रेकी, डिक्की से उड़ाए जेवरात; आरोपी पर पहले से कई संगीन मामले दर्ज

चतरा/इटखोरी। चतरा पुलिस ने इटखोरी प्रखंड मुख्यालय स्थित बाजार में 12 जुलाई को ज्वेलरी व्यवसायी दिलीप सोनी की बाइक की डिक्की से करीब 60 लाख रुपये मूल्य के जेवरात चोरी होने के सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान उड़ीसा के जाखापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत दशमनिया गांव निवासी दीपक प्रधान के रूप में हुई है, जो कुख्यात गुलगुलिया गिरोह का सक्रिय सदस्य बताया गया है।

रविवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपी पहले भी चोरी, छिनतई और बाइक की डिक्की से सामान उड़ाने की कई घटनाओं में शामिल रहा है। उसके आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि उसने चतरा जिले के पत्थलगड़ा और जोरी थाना क्षेत्रों में भी ज्वेलरी कारोबारियों को निशाना बनाया था।

ग्राहक बनकर की कई दिनों तक रेकी

एसपी ने बताया कि आरोपी दीपक प्रधान ने वारदात को अंजाम देने से पहले कई दिनों तक व्यवसायी की दुकान की रेकी की। वह ग्राहक बनकर दुकान पहुंचा और आधा किलो चोरी का सोना सस्ते दामों में बेचने का प्रस्ताव देकर व्यवसायी का विश्वास जीतने का प्रयास किया। इसी दौरान उसने व्यवसायी की दिनचर्या, आने-जाने का समय और जेवरात ले जाने के तरीके की पूरी जानकारी जुटाई। बाद में सुनियोजित तरीके से बाइक की डिक्की से लाखों रुपये के जेवरात उड़ा लिए।

उड़ीसा से संचालित होता था गिरोह

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि इस संगठित गिरोह का सरगना आकाश प्रधान है, जो उड़ीसा से पूरे नेटवर्क का संचालन करता है। गिरोह में दशमनिया और आसपास के गांवों के दर्जनों युवक शामिल हैं। इन्हें विभिन्न राज्यों में चोरी और छिनतई की वारदातों को अंजाम देने के लिए भेजा जाता था और इसके बदले प्रति माह एक लाख रुपये तक का भुगतान किया जाता था।

हैदराबाद में दिया जाता था विशेष प्रशिक्षण

एसपी अनिमेष नैथानी ने बताया कि गिरोह के सदस्यों को हैदराबाद में विशेष प्रशिक्षण दिया जाता था। वहां उन्हें बाइक और कार की डिक्की बिना नुकसान पहुंचाए खोलने, भीड़ में पहचान छिपाने, रेकी करने और वारदात के बाद तेजी से फरार होने की तकनीक सिखाई जाती थी। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें अलग-अलग राज्यों में सक्रिय किया जाता था।

आरोपी का आपराधिक इतिहास

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी दीपक प्रधान के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें शामिल हैं—

  • बड़चाना थाना (उड़ीसा) कांड संख्या 63/2026
  • जाजपुर रोड थाना (उड़ीसा) कांड संख्या 27/2024
  • पुरीघाट थाना (उड़ीसा) कांड संख्या 58/2024

इसके अलावा प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी चतरा जिले के पत्थलगड़ा और जोरी थाना क्षेत्रों में ज्वेलरी कारोबारियों से छिनतई की घटनाओं में भी शामिल रहा है।

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी से संबंधित कई सामान बरामद किए हैं। इनमें चांदी जैसे जेवरात, दो मोबाइल फोन, बिना नंबर की अपाचे मोटरसाइकिल तथा ओडी-05-बीई-9764 नंबर की पल्सर मोटरसाइकिल शामिल है।

इस सफल कार्रवाई में गठित एसआईटी एवं छापेमारी दल में— इटखोरी थाना प्रभारी पु.अ.नि. अभिषेक कुमार सिंह, स.अ.नि. विदेश कुमार पांडेय, स.अ.नि. पंकज कुमार, तकनीकी शाखा के आरक्षी प्रकाश कुमार यादव, थाना के सशस्त्र बल के जवान ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

पुलिस ने बताया कि गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किए जाने की संभावना है।

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