लेस्लीगंज (पलामू)।थाना क्षेत्र के ग्राम कुम्हीटाड अंतर्गत सेहरा टोला में बुधवार की शाम और रात दो पक्षों के बीच भारी बवाल हो गया। तेज रफ्तार से मोटरसाइकिल और स्कूटी चलाने से मना करने पर शुरू हुआ विवाद रात होते-होते जानलेवा हमले और अपहरण के प्रयास में बदल गया। करीब दो दर्जन की संख्या में आए हथियारबंद अपराधियों ने स्थानीय निवासी संदीप कुमार और उनके परिवार पर धावा बोल दिया। हालांकि, ग्रामीणों की तत्परता और एकजुटता के कारण अपराधी अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके। ग्रामीणों ने घेराबंदी कर मौके से चार आरोपियों को रंगे हाथ दबोच लिया, जबकि उनके साथी अपनी आठ मोटरसाइकिलें छोड़कर फरार हो गए। सूचना मिलते ही लेस्लीगंज पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को हिरासत में लिया और सभी वाहनों को जब्त कर लिया। हालांकि, बाद में पुलिस की मध्यस्थता से मामला शांत हुआ। मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम लगभग 6:00 बजे आरोपी विकास कुमार सिंह अपने चार साथियों के साथ एक मोटरसाइकिल और स्कूटी पर सवार होकर बेहद तेज रफ्तार और लापरवाही से सेहरा टोला से गुजर रहा था। सड़क किनारे बरगद के पेड़ के पास स्थानीय बच्चे खेल रहे थे, जो वाहनों की चपेट में आने से बाल-बाल बचे। जब उक्त युवक वापस लौटने लगे, तो सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए स्थानीय निवासी संदीप कुमार ने उन्हें रोककर समझाया कि “यहाँ बच्चे खेल रहे हैं, गाड़ी धीरे चलाओ, कोई बड़ा हादसा हो सकता था।” इतनी सी बात पर तैश में आकर विकास कुमार सिंह ने संदीप कुमार के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और उन पर हाथ चला दिया। आत्मरक्षा में संदीप ने भी जवाबी प्रतिरोध किया। मौके पर मौजूद मोहल्ले के लोगों ने तुरंत बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया और युवकों को वहाँ से भेज दिया। शाम के विवाद का प्रतिशोध लेने के लिए मुख्य आरोपी विकास कुमार सिंह ने एक सोची-समझी साजिश रची। रात लगभग 8:30 बजे वह अपने साथ करीब 8 मोटरसाइकिलों पर सवार होकर 20 से 25 अज्ञात अपराधियों को लेकर दोबारा सेहरा टोला पहुंचा। चश्मदीदों के अनुसार, ये सभी अपराधी अवैध पिस्तौल जैसे घातक हथियारों से लैस थे। अपराधियों ने जबरन संदीप कुमार के घर की सीमा में प्रवेश किया और संदीप व उनके चाचा सतेन्द्र राम को घेर लिया। आरोपियों ने संदीप और उनके चाचा पर पिस्तौल तान दी और जान से मारने की धमकी देते हुए जबरन उनका अपहरण कर ले जाने का प्रयास करने लगे। पीड़ित परिवार द्वारा शोर मचाए जाने पर पूरा मोहल्ला और ग्रामीण लाठी-डंडों के साथ एकजुट हो गए। ग्रामीणों की भारी भीड़ को अपनी ओर आता देख अपराधियों के हौसले पस्त हो गए और वे मारपीट करते हुए भागने लगे। भागने की । आपाधापी में ग्रामीणों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए मौके पर ही चार अपराधियों को दबोच लिया। वहीं, अन्य अपराधी अपनी आठ मोटरसाइकिलें मौके पर ही छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले।
घटना की सूचना तुरंत लेस्लीगंज थाना प्रभारी को दी गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस बल ने अविलंब मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों द्वारा पकड़े गए चारों युवकों को अपनी अभिरक्षा में ले लिया और घटनास्थल पर छूटीं सभी आठ मोटरसाइकिलों को जब्त कर थाना ले आई। पीड़ित परिवार द्वारा लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी की जा रही थी। इस पूरे मामले के संदर्भ में लेस्लीगंज थाना प्रभारी उत्तम कुमार ने बताया कि घटना की सूचना पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की थी। बाद में दोनों पक्षों को थाने में बैठाकर समझा-बुझाकर आपसी सहमति से सुलह-समझौता करा दिया गया है। दोनों ही पक्षों द्वारा थाना में बांड (बंधपत्र) लिखवाकर मामले को शांतिपूर्ण ढंग से रफा-दफा कर दिया गया है।

















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