झारखंड राज्यसभा चुनाव के बाद JMM का बड़ा धमाका: सुप्रियो भट्टाचार्य बोले— ‘तैयार है क्रॉस वोटिंग करने वाले भितरघातियों की कुंडली, जल्द गिरेगी गाज’
न्यूज स्केल लाइव ब्यूरो
रांची। झारखंड में राज्यसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद सत्ताधारी महकमे और इंडिया (INDIA) गठबंधन के भीतर मची अंदरूनी रार के बीच आपसी सुलह और डैमेज कंट्रोल की कवायद तेज हो गई है। कांग्रेस, राजद और माले के बीच जारी भारी सियासी तनातनी के बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के केंद्रीय प्रवक्ता और महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने सोमवार को राजधानी रांची में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़ा सियासी बम फोड़ा है।
सुप्रियो भट्टाचार्य ने साफ और कड़े लहजे में संकेत दे दिया कि राज्यसभा चुनाव के दौरान गठबंधन धर्म के खिलाफ जाकर जिन विधायकों ने पाला बदला या क्रॉस वोटिंग (भितरघात) की है, उनकी पूरी ‘कुंडली’ जेएमएम नेतृत्व ने तैयार कर ली है। बहुत जल्द इंडिया गठबंधन के शीर्ष नेताओं की एक हाई-लेवल बैठक होने वाली है, जिसमें इन भितरघातियों के खिलाफ बड़ी और दंडात्मक संगठनात्मक कार्रवाई हो सकती है।
वोटों का पूरा गणित समझाकर सुप्रियो ने चलाए शब्दबाण
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान झामुमो महासचिव ने चुनाव के आंकड़ों का गणित समझाते हुए कहा कि झारखंड विधानसभा के कुल 81 विधायकों में से 50 विधायकों ने पूरी तरह एकजुट होकर कांग्रेस और झामुमो के पक्ष में मतदान किया। इस जादुई आंकड़े में से झामुमो प्रत्याशी बैजनाथ राम को 30 वोट और कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को 20 वोट प्राप्त हुए।
विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने तंज कसा: “गठबंधन के पक्ष में वोट करने वाले इन 50 विधायकों के सर्वोच्च नेता सिर्फ राहुल गांधी और हेमंत सोरेन हैं। वहीं, भाजपा समर्थित प्रत्याशी परिमल नाथवाणी को जो 28 वोट मिले हैं, उनके नेता पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह और नितिन नवीन हैं।”
भट्टाचार्य यहीं नहीं रुके, उन्होंने चुटकी लेते हुए आगे कहा कि चुनाव के दौरान जो 3 वोट निरस्त (रिजेक्ट) हुए हैं, उनका असली आका और नेता कौन है, यह अभी हमारे राजनैतिक थिंक-टैंक के बीच विचाराधीन है।
नीट (NEET) विवाद पर केंद्र को घेरा: ‘परीक्षा कराना क्या अब राष्ट्रीय आपदा है?’
राज्यसभा चुनाव की समीक्षा के साथ-साथ झामुमो ने देशव्यापी नीट (NEET) परीक्षा धांधली और पेपर लीक विवाद को लेकर भी केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की धज्जियां उड़ाईं। परीक्षा की गोपनीयता और सुरक्षा के नाम पर वायुसेना (Airforce) के इस्तेमाल किए जाने पर कड़ा ऐतराज जताते हुए सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि:
“भारतीय सेना का इस्तेमाल देश में किसी बड़ी दैवीय या राष्ट्रीय आपदा (National Calamity) के वक्त राहत कार्यों के लिए होता है। क्या अब इस देश में एक प्रतियोगी परीक्षा कराना भी इतनी बड़ी आपदा बन गया है कि वायुसेना बुलानी पड़ रही है?”
झारखंड राज्यसभा वोट गणित (कुल: 81 सीटें)
┌───────────────────────────────┬────────────────────────────────┐
│ इंडिया (INDIA) गठबंधन │ भाजपा व समर्थित दल │
│ 50 वोट │ 28 वोट │
├───────────────────────────────┼────────────────────────────────┤
│ बैजनाथ राम (JMM): 30 वोट │ परिमल नाथवाणी (BJP): 28 वोट │
│ प्रणव झा (INC): 20 वोट │ │
└───────────────────────────────┴────────────────────────────────┘
[ नोट: 3 वोट जांच के बाद निरस्त किए गए ]
अगर परीक्षा नहीं करा सकते, तो धर्मेंद्र प्रधान पद छोड़ें
केंद्रीय शिक्षा मंत्री पर सीधा निशाना साधते हुए झामुमो ने कहा कि अगर देश का शिक्षा मंत्रालय एक परीक्षा भी निष्पक्ष और ढंग से कराने में सक्षम नहीं है, तो केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक हक नहीं है। उन्हें बहुत पहले ही नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए था।
झामुमो महासचिव ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अपने मंत्रियों की नाकामी को छुपाने और उन्हें बचाने के लिए देश के करोड़ों छात्रों के सुनहरे भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है, जिसके चलते मानसिक अवसाद में आकर अब तक 17 से ज्यादा होनहार छात्र खुदकुशी जैसा आत्मघाती कदम उठा चुके हैं।
भविष्य की संस्थागत व्यवस्था पर कसा कड़ा तंज
केंद्र की कार्यप्रणाली पर तीखा कटाक्ष करते हुए सुप्रियो भट्टाचार्य ने अंत में कहा कि:
“अगर देश में यही हाल रहा, तो आने वाले दिनों में कैट (CAT) की परीक्षा एनआईए (NIA) कराएगी, यूपीएससी (UPSC) की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) करेगी और देश के तमाम इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं का जिम्मा सीबीआई (CBI) को सौंप दिया जाएगा। केंद्र सरकार अपनी तानाशाही नीतियों से देश की लोकतांत्रिक, संवैधानिक और संस्थागत आस्था को पूरी तरह नष्ट करने पर तुली हुई है, जिसे विपक्ष कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।”




















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