भद्रकाली-कौलेश्वरी से जुड़ेगा स्थानीय हस्तशिल्प, स्वरोजगार बढ़ाने पर प्रशासन का जोर
चतरा: जिले में उद्योग, स्वरोजगार और उद्यमिता को नई गति देने के उद्देश्य से समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में उपायुक्त रवि आनंद की अध्यक्षता में उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME), प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना तथा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (EODB) से जुड़े कार्यों की अद्यतन स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। उपायुक्त ने कहा कि पात्र लाभुकों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के अंतर्गत जिले को 46 लाभुकों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। हालांकि विभिन्न बैंक शाखाओं में बड़ी संख्या में आवेदन लंबित हैं। इस पर उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को बैंक समन्वय बढ़ाकर लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने तथा ऋण स्वीकृति एवं वितरण प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने आगामी समीक्षा बैठक में बैंक प्रतिनिधियों को भी शामिल करने की बात कही।
बैठक में मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्योग विकास बोर्ड तथा माटी कला बोर्ड द्वारा संचालित योजनाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, टूलकिट वितरण एवं स्वरोजगार गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी प्रखंड उद्यमी समन्वयकों को स्थानीय कारीगरों, हस्तशिल्पियों एवं पारंपरिक शिल्पकारों का सर्वेक्षण कर उन्हें प्रशिक्षण, विपणन और सरकारी योजनाओं से जोड़ने का निर्देश दिया।
उपायुक्त रवि आनंद ने कहा कि जिले की पारंपरिक कला एवं हस्तशिल्प को प्रोत्साहित कर रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं। उन्होंने विशेष रूप से भद्रकाली और कौलेश्वरी जैसे प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर स्थानीय उत्पादों के विपणन की संभावनाओं का लाभ उठाने पर जोर दिया, ताकि कारीगरों की आय में वृद्धि हो और जिले को एक विशिष्ट पहचान मिल सके।
बैठक में महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र शंभू शरण बैठा, ईओडीबी प्रबंधक शुभाशीष कुमार, जिला उद्यमी समन्वयक हेमंत केसरी, विभिन्न प्रखंडों के उद्यमी समन्वयक, मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्योग विकास बोर्ड के प्रतिनिधि तथा अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।




















Total Users : 1033299
Total views : 2817632