मुखिया बोले— ‘रैयतों के हित में हर हाल में बनेगी गोपदा-स्टेट हाईवे सड़क’; विरोध करने वाले नेताओं को कड़े शब्दों में चेताया; कहा— ‘कबरा के दलालों को खदेड़कर भगाएंगे’
न्यूज स्केल लाइव
टंडवा (चतरा): चतरा जिले के टंडवा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत वृंदा देवी मंडप परिसर में सोमवार को एक महत्वपूर्ण और रणनीतिक महाजुटान का आयोजन किया गया। यह महाजुटान जय अम्बे रोड लाइन्स द्वारा प्रस्तावित गोपदा टीएसएल (ट्रक लोडिंग साइट) से लेकर स्टेट हाईवे पथ तक नई ट्रांसपोर्टिंग सड़क बनाने के समर्थन में हुआ। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के विस्थापित, प्रभावित रैयत और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण एकजुट हुए।
इस विशाल कार्यक्रम की अध्यक्षता कबरा पंचायत के मुखिया सह झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के चतरा जिलाध्यक्ष नीलेश ज्ञासेन उर्फ सोनू सिन्हा ने की, जबकि मंच का सफल संचालन सुमन भारतीय द्वारा किया गया। महाजुटान के दौरान उपस्थित समस्त रैयतों और ग्रामीणों ने एक स्वर में ट्रांसपोर्टिंग सड़क के निर्माण का पुरजोर समर्थन करते हुए अपना सामूहिक फैसला सुनाया।
आबादी को बचाने के लिए बदला गया रूट, अब लीज की जमीन पर होगा निर्माण
अपने अध्यक्षीय संबोधन में कबरा मुखिया सह झामुमो जिलाध्यक्ष नीलेश ज्ञासेन ने पूरी पृष्ठभूमि का खुलासा करते हुए कहा कि पूर्व में इस ट्रांसपोर्टिंग सड़क का निर्माण सिसई खैलहा गांव की घनी आबादी के बिल्कुल बीच से कराने की योजना थी। उस वक्त ग्रामीणों की गंभीर शिकायत और सुरक्षा को देखते हुए इस जनविरोधी सड़क का कड़ा विरोध किया गया था।
उन्होंने बताया कि इसी जनहित के विरोध के कारण छह माह पूर्व रूट में बदलाव किया गया। अब यह नई प्रस्तावित ट्रांसपोर्टिंग सड़क गोपदा ट्रक लोडिंग साइट से सीधे स्टेट हाईवे तक विस्थापित रैयतों की निजी जमीन को बकायदा लीज (किराए) पर लेकर बनाई जानी है। इससे किसी भी घनी आबादी को कोई नुकसान नहीं होगा, बल्कि रैयतों को सीधे तौर पर आर्थिक लाभ मिलेगा।
दलालों और विरोध करने वाले नेताओं को चेताया— ‘गोंदलपुरा का इतिहास दोहराएंगे’
मुखिया सोनू सिन्हा ने सड़क निर्माण का विरोध करने वाले स्थानीय नेताओं और बिचौलियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा:
दलालों को खदेड़ेंगे: कुछ लोग नकाश कंपनी के शह पर दलालों के माध्यम से इस जनहित के कार्य में अड़ंगा लगाकर अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं। ऐसे छुटभैया नेताओं और दलालों को चेतावनी है कि वे सुधर जाएं, अन्यथा गोंदलपुरा के इतिहास को दोहराते हुए कबरा के वैसे दलालों को ग्रामीण खुद खदेड़कर भगाएंगे।
विरोधियों पर बरसे: मुखिया ने ट्रांसपोर्टिंग रोड का विरोध करने वाले स्थानीय चेहरों जैसे विनय बिहारी शरण, जिला परिषद सदस्य देवन्ती देवी, रेशमा परवीन, मुखिया सुबेश राम और कृष्णा भुइयां पर जहर उगलने का आरोप लगाते हुए उन्हें कड़े लहजे में सुधरने की हिदायत दी। उन्होंने पंचायत वासियों के हक-अधिकार के लिए सदैव अग्रिम पंक्ति में खड़े रहने की अपनी वचनबद्धता को दोहराया।
सड़क विरोधियों पर जमकर बरसे प्रबुद्ध नागरिक
महाजुटान कार्यक्रम के दौरान मंच से बोलते हुए उदय कुमार पांडेय, पंचायत समिति सदस्य (पंसस) नीतेश अंबानी, मुकेश आनंद, मनोज पाठक, खुर्शीद मियां, जगदीश महतो, सुजीत कुमार सिंह और कौलेश्वर महतो आदि वक्ताओं ने भी सड़क निर्माण का विरोध करने वाले तत्वों पर जमकर भड़ास निकाली। वक्ताओं ने कहा कि यह सड़क क्षेत्र के विस्थापितों और बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलेगी, इसलिए इसके निर्माण में किसी भी तरह की राजनीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सात गांवों के प्रभावित महिला-पुरुषों ने दिखाई एकजुटता
इस विशाल महाजुटान कार्यक्रम में प्रस्तावित सड़क मार्ग से सीधे तौर पर जुड़े और प्रभावित होने वाले विभिन्न गांवों के रैयत भारी संख्या में पहुंचे। मुख्य रूप से वृंदा, कबरा, खधैया, सिसई, बुटखेता, खैलहा और गोपदा आदि गांवों के सैकड़ों विस्थापित व प्रभावित महिला और पुरुष पारंपरिक रूप से उपस्थित रहे। सभी ग्रामीणों ने हाथ उठाकर इस ट्रांसपोर्टिंग सड़क के निर्माण को जल्द से जल्द शुरू कराने की मांग जिला प्रशासन से की है।





















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