राज्य सरकार से मांगा जवाब, 29 सितंबर को अगली सुनवाई; अभ्यर्थियों की याचिका पर अदालत ने दिया निर्देश
रांची, झारखंड। झारखंड हाईकोर्ट ने सिविल जज जूनियर डिवीजन प्रतियोगिता परीक्षा के विज्ञापन को रद्द करने संबंधी राज्य सरकार की अधिसूचना पर फिलहाल अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया है। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने मामले में दायर विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर को होगी।
सिविल जज जूनियर डिवीजन परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले को अभ्यर्थी भाष्कर, आलोक रंजन, ज्योति प्रिया, आनंद सिंह समेत अन्य ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। याचिकाकर्ताओं का पक्ष रखते हुए अधिवक्ता अनुराग कश्यप ने दलील दी कि परीक्षा के आयोजन में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई थी। उनका कहना था कि जिस टीडीपीएल (TDPL) एजेंसी पर सवाल उठे हैं, उसका इस परीक्षा प्रक्रिया से सीधा संबंध नहीं था। ऐसे में पूरी परीक्षा को रद्द करना उचित नहीं है।
सरकार और JPSC को जवाब दाखिल करने का निर्देश
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता रोहितश्य रॉय तथा जेपीएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल ने अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखा। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने फिलहाल परीक्षा रद्द करने संबंधी सरकारी निर्णय पर रोक नहीं लगाई और राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
दरअसल, छात्रों के आंदोलन और सीआईडी से प्राप्त तथ्यों के आधार पर राज्य सरकार ने उन परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया था, जिनमें TDPL की भूमिका रही थी या जिनमें अनियमितता सामने आने की बात कही गई थी। इसके साथ ही वर्ष 2014 से आयोजित नियुक्ति परीक्षाओं में संभावित गड़बड़ियों की जांच का भी निर्णय लिया गया था।
सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के तहत 22 परीक्षाओं को रद्द, 6 परीक्षाओं को स्थगित करने और 17 परीक्षाओं की जांच कराने से संबंधित निर्णय लिया गया था। अब सिविल जज जूनियर डिवीजन परीक्षा को रद्द करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर हाईकोर्ट में आगे की सुनवाई होगी। फिलहाल अदालत ने सरकार के निर्णय पर रोक नहीं लगाई है।




















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