बाइक के उड़े परखच्चे, मौके पर ही दर्दनाक मौत; सिर से पिता का साया उठने के बाद दो मासूम बच्चों और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल; भारी वाहनों के लिए अलग रूट की मांग
न्यूज स्केल लाइव ब्यूरो
चतरा: चतरा सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित संघरी घाटी में गुरुवार की सुबह एक दिल दहला देने वाला और अत्यंत दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। यहाँ कोयला बेचकर अपने परिवार की आजीविका चलाने वाले एक गरीब परिवार के मुखिया को किसी अज्ञात भारी वाहन (हाइवा/ट्रक) ने बेरहमी से कुचल दिया।
इस भीषण दुर्घटना में भुक्तभोगी व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर इतनी भयावह और रूह कँपाने वाली थी कि मृतक के शव के टुकड़े-टुकड़े हो गए और उनकी मोटरसाइकिल के परखच्चे उड़ गए। इस हादसे के बाद मृतक के दो स्कूली बच्चों के सिर से हमेशा के लिए पिता का साया उठ गया है।
मृतक की पहचान हजारीबाग जिले के बड़कागांव प्रखंड अंतर्गत शिवाडी गांव निवासी 40 वर्षीय महेंद्र प्रसाद महतो के रूप में की गई है।
एनटीपीसी क्षेत्र से कोयला चुनकर चतरा बेचने आ रहे थे महेंद्र
स्थानीय लोगों और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, महेंद्र प्रसाद महतो अत्यंत गरीब परिवार से ताल्लुक रखते थे और मेहनत-मजदूरी कर अपने घर का खर्च चलाते थे।
साइकल/बाइक पर जीविका: वे एनटीपीसी (NTPC) खनन क्षेत्र से स्थानीय स्तर पर कोयला चुनते थे और फिर उसे अपनी मोटरसाइकिल पर लादकर बेचने के लिए चतरा बाजार आ रहे थे।
अदृश्य काल बना भारी वाहन: गुरुवार सुबह जैसे ही वे चतरा सदर थाना क्षेत्र की खतरनाक संघरी घाटी के समीप पहुंचे, विपरीत दिशा से बेहद तेज रफ्तार में आ रहे एक अज्ञात भारी वाहन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। चालक दुर्घटना के बाद वाहन सहित मौके से तेजी से फरार हो गया।
शव को समेटने में पुलिस के छूटे पसीने, सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम
घटना के बाद घाटी मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों ने तुरंत इसकी सूचना चतरा सदर थाना पुलिस को दी। सूचना पाकर सदर थाना प्रभारी अवधेश सिंह पुलिस बल के साथ बिना समय गंवाए तुरंत मौके पर पहुंचे। घटना स्थल का दृश्य इतना विचलित करने वाला था कि पुलिस कर्मियों को शव के हिस्सों को समेटने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
थाना प्रभारी ने तत्परता दिखाते हुए क्षत-विक्षत शव को कब्जे में लिया और पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए चतरा सदर अस्पताल भेज दिया। दुर्घटनाग्रस्त मोटरसाइकिल के मलबे को भी सड़क से हटाकर थाने लाया गया है, ताकि यातायात बाधित न हो।
परिजनों का चित्कार, भारी वाहनों के लिए अलग रूट बनाने की उठी मांग
महेंद्र महतो की मौत की खबर जैसे ही बड़कागांव स्थित उनके पैतृक गांव पहुंची, परिजनों में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते परिजन तुरंत चतरा पहुंचे। मृतक अपने पीछे दो छोटे स्कूली बच्चों और पत्नी को छोड़ गए हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है।
क्रोध और मांग: शोकाकुल परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस गरीब परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य की मौत के बाद बच्चों की पढ़ाई और भरण-पोषण के लिए अविलंब उचित मुआवजा व सरकारी सहायता राशि दी जाए। साथ ही, ग्रामीणों ने चतरा की इन तंग घाटियों में कोयला लदे भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार पर नाराजगी जाहिर करते हुए प्रशासन से मांग की है कि रिहायशी इलाकों और मोड़ों पर भारी वाहनों के परिचालन के लिए एक अलग रूट (वैकल्पिक मार्ग) तय किया जाए, ताकि आए दिन होने वाले इन खूनी हादसों पर परमानेंट ब्रेक लग सके।
सदर थाना प्रभारी अवधेश सिंह ने बताया कि पुलिस ने अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और घाटी क्षेत्र व चेकपोस्टों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को खंगालकर हत्यारे वाहन और उसके चालक की सरगर्मी से तलाश कर रही है।



















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