13 दिन पहले ही हाईवा ने ली थी महिला की जान, फिर भी नहीं चेता प्रशासन; कागजी साबित हो रही ‘नो-एंट्री’, थाना प्रभारी ने दी कार्रवाई की चेतावनी
न्यूज स्केल लाइव
हंटरगंज (चतरा): हंटरगंज बाजार क्षेत्र को भीषण जाम से मुक्ति दिलाने और बेलगाम भारी वाहनों से होने वाले सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए अनुमंडल प्रशासन द्वारा लागू की गई ‘नो-एंट्री’ व्यवस्था धरातल पर पूरी तरह फ्लॉप साबित हो रही है। प्रशासन द्वारा चतरा-डोभी मुख्य पथ पर हंटरगंज थाना क्षेत्र के सोहाद से लेकर जोरी थाना क्षेत्र के मुरैनवा तक सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक (नो-एंट्री) लगाई गई है। इसके बावजूद नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और व्यस्त समय में भी भारी वाहन बाजार के बीच निर्बाध रूप से दौड़ रहे हैं। इस लापरवाही के कारण स्थानीय दुकानदारों, राहगीरों और खासकर कोचिंग-स्कूल जाने वाले बच्चों को रोजाना भारी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है।
शनिवार दोपहर अचानक घुसे तीन हाईवा, जनता का फूटा आक्रोश
ताजा मामला शनिवार दोपहर करीब 2 बजे का है, जब नो-एंट्री समय लागू होने के बावजूद सोहाद की ओर से तीन विशालकाय हाईवा वाहन अचानक हंटरगंज बाजार के मुख्य मार्ग में घुस गए। इसके कारण चंद मिनटों में ही बाजार की सड़क पर लंबा जाम लग गया। तपती धूप में जाम से परेशान आक्रोशित स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तीनों हाईवा को रोक लिया और उनके चालकों से तीखी बहस शुरू कर दी। माहौल बिगड़ता देख मौके पर मौजूद कुछ प्रबुद्ध और बुद्धिजीवी नागरिकों ने बीच-बचाव किया और चालकों को कड़ी हिदायत देते हुए वहां से निकाला।
पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल; सांठगांठ का आरोप
नो-एंट्री जोन में दिन के उजाले में भारी वाहनों के प्रवेश ने स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों का सीधा आरोप है कि मुख्य बैरियर पर तैनात कुछ पुलिसकर्मियों और चौकीदारों की कथित ‘सांठगांठ’ और निजी स्वार्थ के कारण यातायात व्यवस्था के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। पुलिस की मौजूदगी के बावजूद बेखौफ होकर गुजरने वाले इन भारी वाहनों पर कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होती, जिससे चालकों के हौसले बुलंद हैं।
कार्रवाई से बचने के लिए तेज रफ्तार में भागते हैं वाहन, मंडरा रहा काल
नियमों का उल्लंघन कर बाजार में घुसने वाले हाईवा और भारी वाहनों के चालकों को मालूम होता है कि वे गलत समय पर घुसे हैं। ऐसे में किसी प्रशासनिक कार्रवाई या चालान से बचने के लिए वे बाजार के संकरे और व्यस्त मार्ग से जल्द से जल्द निकलने की होड़ में अपने वाहनों को बेहद तेज रफ्तार (Over-speeding) में दौड़ाते हैं। इस वजह से सड़क किनारे चलने वाले पैदल यात्रियों और बाइक सवारों के ऊपर हमेशा मौत का साया मंडराता रहता है।
13 दिन पहले हुई मौत के बाद भी केवल कागजी खानापूर्ति!
गौरतलब हो कि महज 13 दिन पूर्व ही हंटरगंज बाजार में एक तेज रफ्तार हाईवा की चपेट में आने से एक स्थानीय महिला की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस बड़ी घटना के बाद सड़क सुरक्षा और हादसों को रोकने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों और आम जनता के बीच एक हाई-लेवल बैठक हुई थी।
कागजों पर नियम, धरातल पर शून्य: > ग्रामीणों का आरोप है कि उस बैठक में बनाए गए कड़े नियम सिर्फ कागजों की शोभा बढ़ा रहे हैं। नो-एंट्री के बोर्ड और लोहे के अवरोधक (बैरिकेड्स) तो सड़क पर लगा दिए गए, लेकिन उनका सख्ती से अनुपालन कराने के लिए जिम्मेदार अमला पूरी तरह मौन बना हुआ है।
लापरवाह कर्मियों पर होगी कार्रवाई: थाना प्रभारी
इस पूरे मामले और जनता के आक्रोश पर संज्ञान लेते हुए हंटरगंज थाना प्रभारी प्रभात कुमार ने बताया: “शनिवार को नो-एंट्री के समय कुछ भारी वाहनों के बाजार क्षेत्र में प्रवेश करने की सूचना मिली है। कल से इस पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और किसी भी परिस्थिति में भारी वाहनों को दिन में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। नो-एंट्री का शत-प्रतिशत पालन कराया जाएगा तथा उस वक्त ड्यूटी पर तैनात लापरवाह चौकीदार के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।”





















Total Users : 996019
Total views : 2767171