सरिता कुमारी के एकाउंट में सेंधमारी, बैंक के पास भी नहीं है जवाब; अंगूठे के निशान (AePS) या डेटा लीक की आशंका, छानबीन में जुटी पुलिस
न्यूज स्केल लाइव
हंटरगंज (चतरा): चतरा जिले के हंटरगंज थाना क्षेत्र में साइबर ठगों का एक ऐसा खौफनाक और हाईटेक चेहरा सामने आया है, जिसने पुलिस और बैंक प्रबंधन दोनों के होश उड़ा दिए हैं। अमूमन ओटीपी (OTP), फर्जी लिंक या ऐप डाउनलोड कराकर ठगी करने वाले अपराधी अब इतने शातिर हो चुके हैं कि बिना किसी मैसेज और बिना ओटीपी पूछे ही सीधे बैंक खातों को साफ कर रहे हैं।
ताजा मामला हंटरगंज के जबड़ा गांव का है, जहां एक महिला बिना किसी गलती के साइबर फ्रॉड का शिकार हो गई। पीड़िता ने शनिवार को हंटरगंज थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुट गई है।
लोन के पैसे से उड़ाए 20 हजार, बैंक पहुंची तो खुला राज
जबड़ा गांव निवासी पीड़िता सरिता कुमारी ने बताया कि बीते 23 मई को उनके बैंक खाते में ₹73,963 का एक लोन पास होकर आया था। लोन की राशि आने के बाद उन्होंने उसी दिन बैंक से ₹10,000 की निकासी की। अगले दिन यानी 24 मई को उन्होंने बाकी पैसों की जरूरत पड़ने पर गांव के ही एक सीएससी (CSC) प्रज्ञा केंद्र संचालक के पास जाकर आधार कार्ड और अंगूठे के माध्यम से (AePS) फिर से ₹10,000 निकाले। सीएससी संचालक ने उस दिन इससे अधिक पैसा ट्रांसफर न होने की बात कहकर उन्हें घर भेज दिया।
इसके बाद जब 25 मई को सरिता बाकी की बची राशि निकालने के लिए ‘बैंक ऑफ इंडिया’ की गोसाईडीह शाखा पहुंचीं और अपनी पासबुक प्रिंट कराई, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। बैंक कर्मियों ने बताया कि उनके खाते से कुल ₹40,000 की निकासी हो चुकी है।
न मोबाइल नंबर लिंक, न एटीएम; फिर कैसे खाली हुआ खाता?
पीड़िता सरिता कुमारी इस बात से हैरान हैं कि जब उन्होंने दो दिनों में मात्र दो बार में कुल ₹20,000 ही निकाले, तो बाकी के ₹20,000 अज्ञात तरीके से कैसे गायब हो गए। इस ठगी की सबसे हैरान करने वाली बातें निम्नलिखित हैं: नो ओटीपी, नो कॉल: पीड़िता के पास न तो कोई फर्जी कॉल आया, न उन्होंने किसी को कोई ओटीपी (OTP) बताया। नो एटीएम कार्ड: उनके पास इस बैंक खाते का कोई एटीएम/डेबिट कार्ड भी नहीं है। नो मोबाइल लिंक: सबसे बड़ी बात यह है कि उनका मोबाइल नंबर भी इस बैंक खाते से लिंक नहीं था, जिससे कोई ऑनलाइन नेट बैंकिंग फ्रॉड आसानी से किया जा सके।
रहस्यमयी तरीके से पैसे गायब होने के बाद जब उन्होंने बैंक शाखा में इसकी लिखित शिकायत की, तो बैंक कर्मियों ने तुरंत उनका खाता ब्लॉक (Freeze) कर दिया और मामले को साइबर अपराध बताते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी।
15 दिनों के भीतर हंटरगंज में दूसरी बड़ी वारदात
हंटरगंज क्षेत्र में बिना ओटीपी और बिना कॉल के बैंक खाते खाली होने का यह पहला मामला नहीं है। पिछले 15 दिनों के भीतर साइबर ठगों ने दो महिलाओं को अपना निशाना बनाया है। इससे पहले 15 मई को भी थाना क्षेत्र के बेला गांव की एक अन्य महिला के खाते में इसी तरह सेंधमारी करते हुए ठगों ने ₹9,500 का चूना लगाया था। 15 दिनों के भीतर कुल ₹29,500 की अवैध निकासी की जा चुकी है।
एक्सपर्ट व्यू (आशंका): इस तरह के फ्रॉड में अक्सर ‘आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम’ (AePS) के जरिए फिंगरप्रिंट क्लोनिंग (अंगूठे के निशान की चोरी) या प्रज्ञा केंद्रों के डेटा लीक होने की आशंका जताई जाती है, जहां से ठग बिना ओटीपी के भी पैसे उड़ा लेते हैं। फिलहाल हंटरगंज थाना पुलिस और साइबर सेल की टीम प्रज्ञा केंद्र के ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड और बैंक स्टेटमेंट के आधार पर मामले की गहन तफ्तीश कर रही है।






















Total Users : 996017
Total views : 2767169