मैट्रिक रिजल्ट और शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने पर जोर; एमडीएम के लिए रसोइयों के रिक्त पदों को जल्द भरने और समय पर चावल उठाव का सख्त आदेश
न्यूज स्केल लाइव ब्यूरो,
देवघर: जिले की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़, गुणवत्तापूर्ण और बेहतर बनाने के उद्देश्य से समाहरणालय सभागार में शिक्षा विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी (DC) सौरभ कुमार भुवानिया ने की। बैठक के दौरान सरकारी स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति, हालिया मैट्रिक परीक्षा परिणाम, मध्याह्न भोजन योजना (MDM) और बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही बुनियादी सुविधाओं की बिंदुवार विस्तार से समीक्षा की गई।
कम उपस्थिति पर उपायुक्त ने जताई नाराजगी, दिए सुधार के निर्देश
बैठक में जब प्रखंडवार स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति के आंकड़ों की जांच की गई, तो कई क्षेत्रों में छात्रों की उपस्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। इस पर उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और संबंधित प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों (BEEO) को स्थिति में तत्काल सुधार लाने का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने कहा: “बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए शिक्षक और अधिकारी मिलकर एक प्रभावी कार्ययोजना बनाएं। साथ ही मैट्रिक परीक्षा परिणामों का विश्लेषण करते हुए कमजोर स्कूलों में शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।” इसके अलावा उपायुक्त ने स्कूलों में उपलब्ध पेयजल, शौचालय और ब्लैकबोर्ड जैसी बुनियादी सुविधाओं व संसाधनों की जानकारी ली तथा जहां कहीं भी कमी है, उसे अविलंब दूर करने का निर्देश दिया।
एमडीएम की रसोइयों के रिक्त पद जल्द भरें, चावल उठाव में न हो देरी
मध्याह्न भोजन (मध्याह्न भोजन योजना) की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन स्कूलों में रसोइयों के पद रिक्त हैं, वहां नियमानुसार शीघ्र चयन की प्रक्रिया पूरी की जाए। इसके साथ ही उन्होंने जिला आपूर्ति पदाधिकारी को निर्देश दिया कि: सभी स्कूलों में समय पर चावल का उठाव सुनिश्चित किया जाए। बच्चों के दैनिक भोजन में किसी भी प्रकार की बाधा या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्कूलों में होगा शत-प्रतिशत स्वास्थ्य जांच, बनेगा विशेष रोस्टर
इस बैठक में बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को लेकर भी विशेष रणनीति तैयार की गई। उपायुक्त ने जिले के सभी सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं का शत-प्रतिशत स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके लिए उन्होंने शिक्षा विभाग को संबंधित नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर एक विशेष रोस्टर तैयार करने को कहा, ताकि डॉक्टरों की टीम समय पर स्कूलों का दौरा कर बच्चों की जांच कर सके और जरूरत पड़ने पर उन्हें त्वरित व उचित चिकित्सा सुविधा मुफ्त उपलब्ध कराई जा सके।
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में मुख्य रूप से जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO), जिला शिक्षा अधीक्षक (DSEE), जिला आपूर्ति पदाधिकारी (DSO), सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी (APRO), जिले के सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (BEEO) तथा शिक्षा विभाग से जुड़े अन्य संबंधित कनीय अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।





















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