अभियान: उपायुक्त खुद कर रहे मॉनिटरिंग, 11 मई तक चलेगा विशेष पखवाड़ा
चतरा। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार चतरा जिले में पेयजल समस्याओं के स्थायी समाधान को लेकर पेयजल समस्या निवारण पखवाड़ा युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है। 24 अप्रैल से शुरू हुआ यह विशेष अभियान 11 मई 2026 तक जारी रहेगा। जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त रवि आनंद के नेतृत्व में रोस्टर के अनुसार पंचायतों और नगर परिषद क्षेत्रों में शिविर लगाकर खराब चापाकलों और जलमीनारों की मरम्मत सुनिश्चित की जा रही है। अभियान की सतत निगरानी कर रहे उपायुक्त रवि आनंद ने संबंधित विभागों को कड़ा निर्देश दिया है कि जलसंकट वाले क्षेत्रों की पहचान कर तत्काल राहत पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि खराब चापाकलों और ठप पड़ी जलमीनारों का पुनर्संचालन प्राथमिकता के आधार पर हो। डीसी के निर्देश पर जिला स्तरीय पदाधिकारी खुद क्षेत्र में उतरकर निरीक्षण कर रहे हैं, जिससे कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही तय हो रही है। निर्धारित रोस्टर के तहत 05 मई को जिले के हंटरगंजरू जबड़ा और सलैया पंचायत। प्रतापपुर के घोरीघाट और डुमरवार पंचायत। सिमरिया के बानासाड़ी, मयूरहंड के पंदनी, कान्हाचट्टी के चिरीदीरी और टंडवा के बड़गांव/कल्याणपुर में तथा चतरा नगर परिषद के वार्ड संख्या 17 एवं 18 (साहु धर्मशाला) में भी शिविर आयोजित कर समस्याओं का ऑन-द-स्पॉट निपटारा किया गया। 06 मई को भी अभियान के तहत हंटरगंज के कोबना व तरवागड़ा, मयूरहंड के बेलखोरी, कान्हाचट्टी के मदगड़ा और टंडवा के बहेरा पंचायतों में शिविर लगेंगे। वहीं, नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 19 एवं 20 (जमजम होटल परिसर) में विशेष शिविर के जरिए पेयजल संकट दूर करने का प्रयास किया जाएगा। पेयजल समाधान के साथ-साथ पंचायत स्तर पर ग्राम सभाओं का भी आयोजन किया जा रहा है। इसके जरिए स्थानीय जरूरतों के हिसाब से विकास योजनाओं का चयन किया जा रहा है, जिससे न केवल पानी की समस्या दूर हो रही है बल्कि पंचायतों के समग्र विकास को भी गति मिल रही है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभियान का लक्ष्य प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल की पहुंच सुनिश्चित करना है।
Also Read: चतरा के लिए गौरव का पल: 10 गांवों को पछाड़कर गिद्धौर बना जिले का पहला मॉडल सोलर गांव!





















Total Users : 945050
Total views : 2699204