गांव में आक्रोशः 10 वर्षों से अधूरा पड़ा था निर्माण, ग्रामीणों ने की जांच की मांग
गिद्धौर (चतरा)। प्रखंड अंतर्गत द्वारी पंचायत के तिलैया गांव में बीते सोमवार की देर शाम आई तेज आंधी और बारिश के कारण एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। गांव के पीपल पेड़ के समीप स्थित अर्धनिर्मित शेख भिखारी भवन का ढांचा तेज हवाओं के दबाव में पूरी तरह जमींदोज हो गया। राहत की बात यह रही कि घटना के समय वहां कोई मौजूद नहीं था, जिससे जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि दिन के समय अक्सर लोग इस भवन के पास और पीपल पेड़ की छांव में बैठते हैं। लेकिन सोमवार शाम अचानक मौसम बिगड़ने और आंधी शुरू होने के कारण लोग अपने-अपने घरों की ओर चले गए थे। जैसे ही आंधी की रफ्तार बढ़ी, जर्जर हो चुका यह अर्धनिर्मित भवन भरभरा कर गिर गया। ग्रामीणों के अनुसार, यदि यह घटना दिन में होती, तो कई लोग इसकी चपेट में आ सकते थे। भवन गिरने की खबर के बाद ग्रामीणों में प्रशासन और संबंधित विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस भवन का निर्माण कार्य पिछले 10 वर्षों से अधिक समय से अधूरा पड़ा है। एक दशक बीत जाने के बाद भी न तो इसे पूरा किया गया और न ही इसकी सुध ली गई। लंबे समय तक खुले में रहने के कारण दीवारें और ढांचा पूरी तरह जर्जर हो चुके थे। ग्रामीणों ने इस मामले में जिला प्रशासन से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया है कि आखिर क्यों इतने वर्षों तक निर्माण कार्य लटका रहा और जनता के पैसे का दुरुपयोग होने दिया गया। ग्रामीणों ने मांग की है कि जर्जर मलबे को हटाया जाए और भविष्य में होने वाले खतरों को देखते हुए इस पर उचित संज्ञान लिया जाए।
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