सात माह पहले मजदूरी के लिए गया था युवक, शव गांव पहुंचते ही पसरा मातम
हंटरगंज (चतरा)। प्रखंड के वशिष्ठ नगर जोरी थाना क्षेत्र अंतर्गत कसियाडीह गांव का एक प्रवासी मजदूर पलायन की भेंट चढ़ गया। जोलडीहा पंचायत के कसियाडीह निवासी कुलेश्वर भुईयां के 35 वर्षीय पुत्र वकील भुइयां की उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। मंगलवार को उनका शव गांव पहुंचते ही पूरे गांव में मातम पसर गया। जानकारी के अनुसार, वकील भुइयां लगभग सात माह पूर्व रोजी-रोटी की तलाश में उत्तर प्रदेश मजदूरी करने गया था। वहां वह बिजनौर जिले के जीतपुरा गांव में एक बड़े किसान के यहां खेती-बाड़ी का काम करता था।
बताया गया कि सोमवार अहले सुबह वह ट्यूबवेल से खेत में पटवन कर रहा था। इसी दौरान वह कटे हुए बिजली के तार की चपेट में आ गया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। सुबह आसपास के मजदूरों ने जब उसे देखा तो उसकी मौत हो चुकी थी। वहां मौजूद अन्य मजदूरों और साथियों ने तुरंत परिजनों को इसकी सूचना दी। इसके बाद अंतिम संस्कार के लिए शव को कसियाडीह गांव लाया गया।
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मंगलवार को गांव में उसका अंतिम संस्कार किया गया। वकील की मौत से पत्नी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में शोक की लहर है। मृतक अपने पीछे पत्नी और तीन छोटे बच्चों को छोड़ गया है। अब उनके पालन-पोषण की पूरी जिम्मेदारी परिवार पर आ गई है। पिता की असमय मौत से बच्चे गहरे सदमे में हैं। ग्रामीणों ने बताया कि वकील घर का एकमात्र कमाऊ सदस्य था। उसकी मौत से परिवार आर्थिक संकट में आ गया है। इधर ग्रामीणों ने राज्य सरकार और श्रम विभाग से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि रोजी-रोटी की तलाश में गांवों से महानगरों और दूसरे राज्यों की ओर हो रहे पलायन में मजदूरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?






















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