प्रतिद्वंद्वी की याचिका पर सिविल कोर्ट के सब-जज ने की सुनवाई, वादी पक्ष ने की ‘स्पीडी ट्रायल’ की मांग, फैसले पर टिकीं सबकी निगाहें, सियासी हलकों में मची हलचल, अध्यक्ष ने कहा- ‘न्यायालय सर्वोपरि’
चतरा (झारखंड), न्यूज स्केल डेस्क: झारखंड के चतरा जिले में नगर अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर चल रहे चर्चित विवाद में शुक्रवार को एक बड़ा मोड़ आ गया। चतरा व्यवहार न्यायालय (Civil Court) परिसर में दिनभर भारी गहमागहमी और सरगर्मी का माहौल रहा। नगर अध्यक्ष पद के प्रत्याशी रहे राजेश कुमार द्वारा वर्तमान निर्वाचित अध्यक्ष अताउर रहमान के खिलाफ दायर ‘दो से अधिक बच्चे’ होने के मामले को अदालत (सब-जज) ने संज्ञान में लेते हुए आगे की सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। अदालत के इस कदम के बाद से जिले के राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। शुक्रवार को हुई इस अहम सुनवाई में वादी (राजेश कुमार) की ओर से झारखंड हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता विनोद सिंह ने न्यायालय के समक्ष विस्तृत और जोरदार बहस की। उनकी दलीलों और पेश किए गए तथ्यों के उपरांत सिविल कोर्ट के सब-जज ने प्रकरण को गंभीरता से संज्ञान में लिया। सुनवाई के दौरान अदालत में वादी पक्ष का सहयोग करने के लिए अधिवक्ता कन्हैया कुमार, सतीश पांडेय, राजन, संदीप और अमर कुमार सहित कई अन्य जाने-माने वकील उपस्थित रहे।
बताया जा रहा है कि राजेश कुमार ने चुनाव नियमों का हवाला देते हुए निर्वाचित नगर अध्यक्ष अताउर रहमान पर दो से अधिक बच्चे होने का आरोप लगाते हुए यह वाद दर्ज कराया है और न्यायालय से इस मामले में हस्तक्षेप कर चुनाव रद्द करने की गुहार लगाई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वादी पक्ष की ओर से अदालत से अपील की गई है कि इस प्रकरण का त्वरित निष्पादन (Speedy Trial) किया जाए, ताकि जल्द से जल्द स्थिति स्पष्ट हो सके।
अदालत द्वारा मामले को सुनवाई के लिए स्वीकार किए जाने के बाद से चतरा की राजनीति में नया उबाल आ गया है। विरोधियों और समर्थकों के बीच चर्चाओं का बाजार गर्म है और अब सबकी नजरें अगली सुनवाई पर टिक गई हैं। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए वर्तमान नगर अध्यक्ष अताउर रहमान ने सधी हुई प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट कहा है कि “न्यायालय का निर्णय सर्वोपरि है।”






















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