लुतीडीह और रेफरल अस्पताल में बांटे गए विधिक पत्रक, डॉ. ने दिलाई तंबाकू न छूने की शपथ; नाबालिगों को तंबाकू बेचने पर कार्रवाई की दी चेतावनी
न्यूज स्केल लाइव
चतरा/सिमरिया/ कुंदा : जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DALSA), चतरा के सचिव तारकेश्वर दास के कुशल निर्देशन में रविवार को ‘विश्व तंबाकू निषेध दिवस’ के अवसर पर जिले के सिमरिया और कुंदा प्रखंड में व्यापक जागरूकता अभियानों का आयोजन किया गया। इन शिविरों के माध्यम से विधिक कार्यकर्ताओं (पीएलवी) और अधिकार मित्रों ने ग्रामीणों व युवाओं को तंबाकू के सेवन से होने वाले जानलेवा शारीरिक नुकसानों के साथ-साथ इससे जुड़े कड़े कानूनी प्रावधानों के प्रति सचेत किया।
सिमरिया: घोंघीबर टोला में चौपाल और अस्पताल में दिलाई गई शपथ
सिमरिया प्रखंड के अंतर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर कानूनी सहायता केंद्र सिमरिया के विधिक कार्यकर्ताओं— सुबोध कुमार शर्मा, उमेश प्रसाद, रंजन कुमार मिश्रा एवं सीता देवी द्वारा विभिन्न गांवों में शिविर लगाए गए।
स्वास्थ्य और समाज पर दोहरी मार: लुतीडिह गांव के घोंघीबर टोला में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में विधिक कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों को बताया कि तंबाकू का सेवन कैंसर, फेफड़ों की गंभीर बीमारी, हृदय रोग, स्ट्रोक, हाई ब्लड प्रेशर और सांस संबंधी समस्याओं का मुख्य कारक है। यह न सिर्फ सेवन करने वाले को मारता है, बल्कि पैसिव स्मोकिंग के जरिए आसपास रहने वाले बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य को भी उतना ही नुकसान पहुंचाता है। इसके चलते परिवारों को भारी आर्थिक और सामाजिक क्षति उठानी पड़ती है।
नालसा हेल्पलाइन 15100 की दी जानकारी: लोगों को तंबाकू की लत छोड़ने के लिए प्रेरित करते हुए डालसा द्वारा उपलब्ध कराए गए कानूनी व स्वास्थ्य जागरूकता पत्रकों (पम्फलेट्स) का वितरण किया गया। साथ ही किसी भी कानूनी सहायता के लिए नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 की विस्तृत जानकारी दी गई।
अस्पताल में ली गई शपथ: दूसरी ओर, अनुमंडल मुख्यालय स्थित रेफरल अस्पताल सिमरिया में भी एक विशेष सत्र का आयोजन हुआ। यहाँ प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. बी.एन. प्रसाद ने उपस्थित मरीजों, स्वास्थ्य कर्मियों और आम लोगों को जीवन में कभी भी तंबाकू का सेवन नहीं करने की भावपूर्ण शपथ दिलाई।
कुंदा: ‘कोटपा एक्ट 2003’ के कानूनी डंडे से कराया अवगत
कुंदा प्रखंड में भी जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव के निर्देशानुसार विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया, जहां अधिकार मित्रों ने समाज को नशे से मुक्त करने की अपील की।
सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान है अपराध: कुंदा में आयोजित शिविर में अधिकार मित्र अजीत कुमार, किरण देवी, मुन्ना दास, संजय चौधरी और अमलेश कुमार ने ग्रामीणों को सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम 2003 (COTPA Act) के कड़े नियमों की जानकारी दी।
100 गज के दायरे में बिक्री पर रोक: वक्ताओं ने स्पष्ट रूप से बताया कि कानूनन सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके अलावा, नाबालिग बच्चों को तंबाकू उत्पाद बेचना और किसी भी शैक्षणिक संस्थान (स्कूल-कॉलेज) के 100 गज के दायरे में तंबाकू या सिगरेट की दुकान लगाना दंडनीय अपराध है, जिसमें जेल और जुर्माने दोनों का प्रावधान है।
अधिकार मित्र अजीत कुमार ने युवाओं से विशेष रूप से अपील की कि वे खुद को इस जानलेवा नशे से दूर रखें और अपने गांव व समाज को तंबाकू मुक्त बनाने के लिए एक सजग प्रहरी के रूप में दूसरों को भी जागरूक करें। दोनों ही कार्यक्रमों में भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, युवा और महिलाएं उपस्थित थीं।




















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