भंडरा: जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा से तंग आकर ग्रामीणों ने खुद संभाला मोर्चा, श्रमदान कर बना डाली सड़क
वकील अम्बवा बस्ती के लोगों ने पेश की मिसाल, सामाजिक कार्यकर्ता प्रमोद उरांव के नेतृत्व में ग्रामीणों ने किया पझरी स्कूल मुख्य पथ तक रास्ता तैयार।
भंडरा (लोहरदगा):
कहते हैं कि अगर हौसला बुलंद हो और इरादे नेक, तो किसी के भरोसे बैठने की जरूरत नहीं होती। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है भंडरा प्रखंड के वकील अम्बवा बस्ती के ग्रामीणों ने। पंचायत और प्रखंड स्तरीय जनप्रतिनिधियों से बार-बार गुहार लगाने के बाद भी जब सड़क नहीं बनी, तो आखिरकार ग्रामीणों ने खुद ही मोर्चा संभाल लिया और श्रमदान कर पझरी स्कूल मुख्य पथ तक कच्ची सड़क का निर्माण कर पूरे इलाके के सामने एक अनूठी मिसाल पेश की है।
बरसों से कीचड़ और धूल झेलने को मजबूर थे ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से वकील अम्बवा बस्ती से पझरी स्कूल मुख्य पथ तक जाने के लिए कोई सुगम रास्ता नहीं था। बरसात के दिनों में यह पूरा मार्ग कीचड़ में तब्दील हो जाता था, तो वहीं गर्मी के दिनों में धूल के गुबार से आवाजाही बेहद मुश्किल हो जाती थी। इस बदहाल रास्ते के कारण सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों, बीमार बुजुर्गों और किसानों को उठानी पड़ती थी। इस गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीणों ने कई बार पंचायत प्रतिनिधियों और प्रखंड कार्यालय के चक्कर काटे, आवेदन भी सौंपे, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ खोखला आश्वासन ही हाथ लगा।
बैठक के बाद ‘इंतजार’ छोड़ हाथों में थामे कुदाल-फावड़े
लगातार मिल रही उपेक्षा के बाद आखिरकार सामाजिक कार्यकर्ता प्रमोद उरांव के नेतृत्व में रविवार को ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में सर्वसम्मति से यह तय किया गया कि अब प्रशासन या जनप्रतिनिधियों का और इंतजार नहीं किया जाएगा, बल्कि श्रमदान के जरिए खुद ही अपनी किस्मत बदली जाएगी। इस फैसले के तुरंत बाद दर्जनों ग्रामीण अपने घरों से कुदाल, फावड़ा और टोकरी लेकर निकल पड़े और सड़क निर्माण के कार्य में जुट गए।
घंटों की कड़ी मेहनत रंग लाई, पूरे इलाके में हो रही सराहना
ग्रामीणों ने घंटों की हाड़-तोड़ मेहनत के बाद वकील अम्बवा बस्ती से पझरी स्कूल मुख्य पथ तक कच्ची सड़क का निर्माण पूरा कर लिया। इस सामूहिक श्रमदान में भौरा उरांव, सुकरु उरांव, महली उरांव, रजु उरांव, जयराम उरांव, सोमरा उरांव, राजकुमार उरांव और शुशील उरांव समेत दर्जनों ग्रामीणों ने अपना महत्वपूर्ण पसीना बहाया।
जनप्रतिनिधियों का बहुत इंतजार किया, अब सरकार इसे पक्की करे: प्रमोद उरांव
इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता प्रमोद उरांव ने कहा, “हमने जनप्रतिनिधियों का बहुत इंतजार किया और कई बार मिन्नतें कीं। जब हमारी आवाज किसी ने नहीं सुनी, तो गांव वालों ने एकजुट होकर तय किया कि हम अपना रास्ता खुद बनाएंगे। यह सड़क अभी भले ही कच्ची है, लेकिन इससे अब हमारी आवाजाही बेहद आसान हो गई है। अब हमारी सरकार से मांग है कि ग्रामीणों के इस प्रयास को देखते हुए इसे जल्द से जल्द पक्की सड़क में तब्दील किया जाए।”
कच्ची सड़क बन जाने से अब वकील अम्बवा बस्ती के लोगों को पझरी स्कूल, स्थानीय बाजार और मुख्य सड़क तक पहुंचने में काफी सहूलियत होगी। ग्रामीणों के इस जज्बे और एकता की पूरे भंडरा क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है।





















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