कारोबारी श्रीनिवास कुमार का वीडियो वायरल होते ही मचा हड़कंप; चतरा में रोजाना पत्थर, बालू और कोयला तस्करी का दावा, रांची से दिल्ली तक आंदोलन की चेतावनी
न्यूज स्केल लाइव
चतरा: चतरा जिले के खनन महकमे से एक बेहद चौंकाने वाली और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है, जिसने पूरे प्रशासनिक अमले को हिलाकर रख दिया है। चतरा के स्थानीय पत्थर कारोबारी श्रीनिवास कुमार ने जिला खनन पदाधिकारी (DMO) के विरुद्ध सीधे तौर पर मोर्चा खोल दिया है। कारोबारी ने अधिकारी पर फर्जी चालान निर्गत कर सरकार को चूना लगाने और करीब 18 करोड़ रुपये के भारी-भरकम गबन (घोटाले) का बेहद गंभीर और सीधा आरोप लगाया है।
इस पूरे सनसनीखेज मामले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद से ही जिले के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
वीडियो वायरल होते ही खलबली: रोजाना हो रही है खनिजों की खुली तस्करी
वायरल वीडियो में पत्थर कारोबारी श्रीनिवास कुमार ने चतरा जिले के भीतर चल रहे अवैध खनन के खेल की परतें खोली हैं। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चतरा जिले में इन दिनों जिला खनन कार्यालय की कथित शह पर पत्थर, बालू (रेत) और कोयला की खुलेआम बेखौफ तस्करी की जा रही है।
कारोबारी का दावा है कि वैध कागजातों और चालान की आड़ में फर्जी चालान का समानांतर खेल धड़ल्ले से चलाया जा रहा है, जिससे न सिर्फ सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि वैध रूप से व्यापार करने वाले स्थानीय व्यवसायियों का दम घुट रहा है।
माइनिंग अफसर ने साधी चुप्पी, आरोपों पर नहीं दी कोई प्रतिक्रिया
₹18 करोड़ के गबन और फर्जी चालान के इस बेहद गंभीर आरोप के सामने आने और वीडियो के व्यापक रूप से वायरल होने के बाद चतरा के जिला खनन पदाधिकारी (DMO) पूरी तरह बैकफुट पर नजर आ रहे हैं। इस महाघोटाले के आरोपों को लेकर जब मीडिया और स्थानीय स्तर पर खनन अधिकारी से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने पूरी तरह चुप्पी साध ली। अधिकारी की ओर से इस मामले पर अब तक कोई भी खंडन या आधिकारिक सफाई सामने नहीं आई है, जिससे स्थानीय जनता और प्रबुद्ध नागरिकों के बीच संदेह और गहरा गया है।
दिल्ली तक मचेगी रार: चरणबद्ध आंदोलन और अनशन की चेतावनी
पत्थर कारोबारी श्रीनिवास कुमार ने इस मामले को अंजाम तक पहुंचाने का साफ मन बना लिया है। उन्होंने जिला प्रशासन के साथ-साथ राज्य सरकार को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि इस 18 करोड़ रुपये के फर्जी चालान घोटाले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कर आरोपी अधिकारी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो वे शांत नहीं बैठेंगे।
आर-पार की लड़ाई का ऐलान: कारोबारी ने साफ कहा है कि इस भ्रष्टाचार के खिलाफ वे राज्य की राजधानी रांची से लेकर देश की राजधानी नई दिल्ली तक अपनी आवाज बुलंद करेंगे। इसके लिए वे बहुत जल्द दिल्ली में धरने पर बैठने, आमरण अनशन करने और चरणबद्ध तरीके से उग्र आंदोलन की शुरुआत करने के लिए बाध्य होंगे।
फिलहाल, चतरा डीसी रवि आनंद और राज्य के खनन निदेशालय तक इस मामले की गूंज पहुंच चुकी है, और अब देखना होगा कि इस ’18 करोड़ी’ घोटाले के आरोपों पर शासन-प्रशासन क्या कदम उठाता है।




















Total Users : 997393
Total views : 2769143