भव्य जुलूस, नमाज और पारंपरिक पूजा के बीच गूंजा भाईचारे और सौहार्द का संदेश
गुमला। शनिवार को गुमला जिले में Eid-ul-Fitr, Sarhul और Gangaur जैसे तीन प्रमुख पर्व एक साथ हर्षोल्लास एवं धूमधाम से मनाए गए। इस दौरान पूरे शहर में सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक एकता का अद्भुत नजारा देखने को मिला। जहां एक ओर मुस्लिम धर्मावलंबियों ने विभिन्न मस्जिदों में नमाज अदा कर अमन-चैन की दुआ मांगी, वहीं सरना समुदाय के लोगों ने प्रकृति के महापर्व सरहुल को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया। सरना स्थलों पर बैगा-पहानों द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान आदिवासी समाज के लोग पारंपरिक वेशभूषा में सजे-धजे नजर आए, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय और सांस्कृतिक रंग में रंग गया।
केंद्रीय सरहुल जुलूस संचालन समिति के नेतृत्व में भव्य सरहुल जुलूस निकाला गया, जिसमें महिलाओं, पुरुषों और बच्चों की टोलियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मांदर और नगाड़ों की थाप पर युवक-युवतियां पारंपरिक नृत्य करते हुए शहर का भ्रमण करते नजर आए। जुलूस के माध्यम से आदिवासी समाज ने अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपरा और एकता का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर गुमला विधायक भूषण तिर्की, पूर्व विधायक शिव शंकर उरांव एवं कमलेश उरांव, नगर परिषद अध्यक्ष शकुंतला उरांव, उपाध्यक्ष रमेश कुमार चीनी, पूर्व अध्यक्ष दीपनारायण उरांव तथा भाजपा जिलाध्यक्ष सागर उरांव सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों द्वारा जगह-जगह जुलूस का स्वागत किया गया। लोगों ने चना-गुड़, शर्बत और पेयजल की व्यवस्था कर श्रद्धालुओं का फूलमालाओं से अभिनंदन किया। तीनों पर्वों को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। शहर के विभिन्न स्थानों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिससे सभी आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।





















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