भंडरा के भीठा में उमड़ा जनसैलाब: विराट हिंदू सम्मेलन और भव्य कलश यात्रा के साथ मनाया गया हिंदू नववर्ष
लोहरदगा (भंडरा): चैत्र प्रतिपदा हिंदू नववर्ष के पावन अवसर पर लोहरदगा जिले के भंडरा प्रखंड अंतर्गत भीठा गांव में भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। गुरुवार को यहाँ ‘विराट हिंदू सम्मेलन सह कलश यात्रा’ का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में सनातनी धर्मावलंबी शामिल हुए।
भक्तिमय कलश यात्रा और पूजन
कार्यक्रम की शुरुआत नंदिनी नदी के तट से हुई, जहाँ भारी संख्या में महिलाओं और युवतियों ने मां भवानी के जयघोष के साथ कलश में पवित्र जल भरा। पारंपरिक परिधानों में सजे श्रद्धालु हाथों में कलश लिए गांव का भ्रमण करते हुए देवी मंडप पहुंचे, जहाँ विधिवत पूजा-अर्चना के बाद कलश स्थापित किए गए। पूरा क्षेत्र ‘जय श्री राम’ और ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष से गुंजायमान रहा।
सांस्कृतिक जड़ों की ओर लौटने का आह्वान
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि, अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के क्षेत्रीय संगठन मंत्री कल्पवासी शिवाजी क्रांति ने कहा:
”यह समय अपनी संस्कृति और जड़ों की ओर लौटने का है। सनातन धर्म की पहचान हमारी सभ्यता और संस्कारों से होती है, हमें इसके प्रति सदैव समर्पित रहना चाहिए।”
सनातन और सरना धर्म का अटूट संबंध
विशिष्ट अतिथि भैरव सिंह ने प्रकृति और धर्म के अंतर्संबंधों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा करना ही सनातन और सरना धर्म का मूल आधार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि:
भारत स्वभावतः एक हिंदू राष्ट्र है।
समाज में एकजुटता और स्वदेशी के प्रति जागरूकता अनिवार्य है।
युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत और हिंदू नववर्ष की वैज्ञानिकता पर गर्व करना चाहिए।
गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर नीरु शांति भगत, टेले उरांव, जैगा पहान, प्रदीप लाल, सौरव कुमार, हेमंत नाथ शाहदेव, पिंटू साहू, विवेक यादव समेत क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्ति और हजारों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।





















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