भंडरा (लोहरदगा): प्रखंड मुख्यालय स्थित सभागार में प्रजायत्न संस्था और जिला समाज कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय आंगनबाड़ी सेविका प्रशिक्षण कार्यशाला का बुधवार को सफल समापन हो गया। इस कार्यशाला का आयोजन मुख्य रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यक्षमता में सुधार लाने और बच्चों को प्रारंभिक स्तर पर बेहतर शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया था।
संज्ञानात्मक विकास पर विशेष जोर
प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षकों ने बच्चों के संज्ञानात्मक (Cognitive) और प्रारंभिक विकास की बारीकियों पर प्रकाश डाला। कार्यशाला में बताया गया कि कैसे शिक्षण-सीखने की सामग्री (TLM) के माध्यम से बच्चों में सोचने, समझने और नई चीजों को सीखने की जिज्ञासा पैदा की जा सकती है।
’नन्हे कदम’ मॉड्यूल और गतिविधि आधारित शिक्षा
कार्यशाला में नन्हे कदम मॉड्यूल के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की गई। इसके तहत:
अप्रैल माह की थीम: वर्तमान माह की थीम के आधार पर विशेष कार्ययोजना तैयार की गई।
खेल-खेल में शिक्षा: सेविकाओं को निर्देशित किया गया कि वे केंद्रों में रुचिपूर्ण और गतिविधि आधारित कक्षाएं संचालित करें।
कक्षा योजना: प्रत्येक सेविका को विधिवत ‘क्लास प्लान’ बनाकर उसे धरातल पर लागू करने के निर्देश दिए गए।
”इस प्रशिक्षण का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को प्रारंभिक स्तर पर एक ऐसी मजबूत नींव प्रदान करना है, जिससे उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।” — आयोजक मंडल
सफल संचालन टीम
इस दो दिवसीय कार्यक्रम का सफल संचालन पूनम टोप्पो, तुलसी कुमारी, प्रिया गुप्ता, लक्ष्मी कुमारी, अनामिका कुमारी और अनिल त्रिपाठी की देखरेख में किया गया। समापन के अवसर पर वक्ताओं ने विश्वास जताया कि इस प्रशिक्षण से सेविकाओं के कौशल में वृद्धि होगी, जिसका सीधा लाभ आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चों को मिलेगा।




















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