हालिया घटनाओं से दहशत, ग्रामीणों ने जिला बाल संरक्षण इकाई की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
गिद्धौर (चतरा)। गिद्धौर थाना क्षेत्र अंतर्गत बाय गांव के समीप स्थित इंदरवा कुआं से मंगलवार को एक नवजात शिशु बच्ची का शव बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना के बाद पूरे गांव में चर्चा का माहौल बना हुआ है और लोग इस अमानवीय कृत्य को लेकर आक्रोश जता रहे हैं। जानकारी के अनुसार, कुछ चरवाहे खेतों में मवेशी चरा रहे थे, तभी कुएं की ओर से दुर्गंध आने पर उन्होंने अंदर झांककर देखा। कुएं में एक नवजात बच्ची का शव तैरता हुआ दिखाई दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने तुरंत गिद्धौर थाना को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी शिवा यादव और बीडीओ राहुल देव आनंद मौके पर पहुंचे और पुलिस टीम की मदद से शव को कुएं से बाहर निकाला गया। बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल चतरा भेज दिया गया। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं पर पुलिस छानबीन कर रही है। मौके पर अवर निरीक्षक सुनील कुमार सिंह समेत पुलिस बल और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। वहीं इस घटना के बाद एक बार फिर जिले में नवजात शिशुओं के शव मिलने की घटनाओं को लेकर चिंता बढ़ गई है। गौरतलब है कि बीते 12 मार्च को इटखोरी क्षेत्र में भी झाड़ियों में एक नवजात का शव मिला था। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रहती हैं, लेकिन इन्हें रोकने के लिए प्रभावी पहल नहीं की जा रही है। लोगों ने जिला बाल संरक्षण इकाई की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जागरूकता के नाम पर हर वर्ष लाखों रुपये खर्च किए जाने का दावा किया जाता है, इसके बावजूद ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हो रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ठोस कदम उठाकर जागरूकता अभियान को प्रभावी बनाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।






















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