‘सनातन संस्कृति से जुड़ें, जीवन के दुखों का समाधान कथा श्रवण में’ कृ नकुल देव शास्त्री
गिद्धौर (चतरा)। गिद्धौर प्रखंड अंतर्गत बारीसाखी पंचायत के बारीसाखी गांव में आयोजित दो दिवसीय पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ बुधवार को हवन-पूजन एवं पूर्णाहुति के साथ संपन्न हो गया। परम वंदनीया माताजी की जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर यज्ञ एवं संगीतमय प्रज्ञा पुराण कथा का श्रवण किया। कथा वाचक नकुल देव शास्त्री ने प्रवचन के दौरान कहा कि वर्तमान कलयुग में शायद ही कोई व्यक्ति ऐसा होगा जिसके जीवन में कोई दुख या कष्ट न हो। उन्होंने कहा कि भगवान की कथा का श्रवण जीवन की अनेक समस्याओं और मानसिक क्लेशों से मुक्ति दिलाने का प्रभावी माध्यम है तथा यह भवसागर से पार लगाने वाली औषधि के समान है। उन्होंने बताया कि ऐसे आयोजनों का मुख्य उद्देश्य लोगों को सनातन संस्कृति, भारतीय संस्कृति और देव संस्कृति से जोड़ना है। आज समाज में बढ़ती अमानवीय घटनाओं का प्रमुख कारण अपनी संस्कृति से दूर होकर पाश्चात्य और असुर प्रवृत्तियों की ओर बढ़ना है। उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार, वेदमूर्ति तपोनिष्ठ पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के “मनुष्य में देवत्व का उदय और धरती पर स्वर्ग का अवतरण” के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सत्संग, गायत्री यज्ञ और उपासना के माध्यम से विचार क्रांति अभियान चला रहा है। महायज्ञ के दौरान श्रद्धालुओं ने गायत्री मंत्र, रुद्र गायत्री मंत्र, सूर्य गायत्री मंत्र एवं महामृत्युंजय मंत्र के साथ विश्व शांति, संकट निवारण तथा समस्त प्राणियों के कल्याण की कामना करते हुए आहुतियां समर्पित कीं। कार्यक्रम में पुंसवन, नामकरण, अन्नप्राशन, मुंडन, विद्यारंभ एवं गुरु दीक्षा सहित कई संस्कार भी संपन्न कराए गए। इस अवसर पर नेमन साव, कृष्णा साहू, गंडोरी साहू, संजय साहू, विकास कुमार, बीकू, अरुण साहू, विनोद साव, बुधन साव, राजकुमार दांगी, भोला दांगी, रोहित कुमार दांगी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।























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