गुमला। नगर निकाय चुनाव 2026 के परिणाम घोषित होते ही गुमला नगर परिषद की राजनीति एक नए दौर में प्रवेश कर गई है। नवनिर्वाचित अध्यक्ष से जहां शहर के विकास और विस्तार की उम्मीदें बंधी हैं, वहीं अब सबकी निगाहें उपाध्यक्ष पद पर टिक गई हैं। गुमला नगर परिषद के कुल 22 वार्ड पार्षदों के बीच से ही उपाध्यक्ष का चयन होना है। यह पद न केवल गरिमामय है, बल्कि नगर परिषद की कार्यप्रणाली में महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाता है। ऐसे में दावेदारों के बीच अंदरखाने रणनीति और समीकरण साधने का दौर शुरू हो चुका है।
ये नाम चर्चा में
राजनीतिक गलियारों में जिन नामों की सबसे अधिक चर्चा है, उनमें हॉट सीट से जीत दर्ज करने वाले कांग्रेसी नेता रमेश कुमार ‘चीनी’ और मनीष कुमार प्रमुख रूप से शामिल हैं। वहीं, पूर्व में उपाध्यक्ष रह चुकी मुसर्रत परवीन भी एक बार फिर सक्रिय मानी जा रही हैं। इसके अलावा लगातार जीत दर्ज करते आ रहे अनुभवी पार्षद शैल मिश्रा और कृष्ण कुमार उर्फ किशोर मिश्र भी दावेदारी पेश कर सकते हैं।
दांव-पेंच और जोड़-तोड़ का दौर
चूंकि उपाध्यक्ष का चयन पार्षदों के बीच से ही होना है, ऐसे में आंकड़ों का गणित और समर्थन जुटाने की कवायद तेज हो गई है। नवनिर्वाचित पार्षद अपने-अपने पक्ष में बहुमत सुनिश्चित करने के लिए रणनीति बनाने में जुट गए हैं। नगर परिषद की इस आंतरिक जंग में जो बहुमत का आंकड़ा साधेगा, वही उपाध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज होगा। फिलहाल राजनीतिक माहौल में उत्सुकता चरम पर है और आने वाले दिनों में समीकरण और स्पष्ट होने की संभावना है। गुमला की सियासत में अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि 22 पार्षदों के समर्थन से आखिर किसके सिर उपाध्यक्ष पद का ताज सजेगा।


















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