शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क निर्माण, नियमावली संशोधन व कर्मचारियों को राहत से जुड़े अहम निर्णय
रांची: मुख्यमंत्री Hemant Soren की अध्यक्षता में 15 अप्रैल 2026 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक सुधार से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। बैठक में शिक्षा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए राज्य स्तरीय Science & Technology Quiz, झारखंड रोबोटिक्स फेस्टिवल तथा STEM आधारित वैज्ञानिक दिवस मनाने की योजना को मंजूरी दी गई। साथ ही नीलाम्बर-पीताम्बर विश्वविद्यालय सहित अन्य तकनीकी संस्थानों में पदों के पुनर्गठन को भी स्वीकृति मिली।
स्वास्थ्य क्षेत्र में पीपीपी मोड के तहत धनबाद, खूँटी, गिरिडीह और जामताड़ा के जिला अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज में अपग्रेड करने की योजना को मंजूरी दी गई। विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स को राज्य के मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप की सुविधा देने का भी निर्णय लिया गया। इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के तहत रांची के नामकुम-डोरंडा मार्ग के चौड़ीकरण हेतु करीब 162.82 करोड़ रुपये, जमशेदपुर में अंतरराज्यीय बस पड़ाव, कार्यालय भवन व कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स निर्माण हेतु 153.37 करोड़ रुपये, तथा विभिन्न सड़कों और आरओबी निर्माण के लिए 60 करोड़ से लेकर 100 करोड़ रुपये से अधिक की कई योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। पाकुड़ बाईपास सड़क निर्माण के लिए 45.47 करोड़ रुपये भी स्वीकृत किए गए।
प्रशासनिक सुधार के तहत रांची, धनबाद और डालटेनगंज में तीन विशेष न्यायालयों के लिए पद सृजित किए गए। झारखंड मोटर वाहन करारोपण (संशोधन) विधेयक 2026, खनन नियमावली संशोधन, भवन उपविधि संशोधन तथा “अनधिकृत भवन नियमितीकरण नियम 2025” को भी मंजूरी दी गई। वित्तीय मामलों में वर्ष 2025-26 के तृतीय अनुपूरक व्यय विवरणी एवं 2026-27 के बजट प्राक्कलन को स्वीकृति दी गई। साथ ही राज्य वित्त आयोग का कार्यकाल 30 सितंबर 2027 तक बढ़ाया गया।
सरकारी कर्मियों और पेंशनभोगियों को राहत देते हुए महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत में वृद्धि को मंजूरी दी गई। इसके अलावा राज्यकर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत गंभीर बीमारी से पीड़ित एक बच्ची के इलाज के लिए आर्थिक सहायता भी स्वीकृत की गई। मंत्रिपरिषद ने विभिन्न न्यायालयीन आदेशों के आलोक में कर्मचारियों को पेंशन लाभ देने, कुछ अधिकारियों के वेतन अंतर भुगतान तथा सेवा से जुड़े मामलों पर भी निर्णय लिया। मंत्रिपरिषद के इन फैसलों को राज्य के विकास, आधारभूत संरचना सुदृढ़ीकरण और प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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