
मयूरहंड (चतरा)। पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल को सूचना मिली कि मयूरहंड थाना क्षेत्र के परोरिया गांव में एक मानसिक रूप से अस्वस्थ बालक को ग्रामीणों ने सुरक्षित रखा है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी आशिष प्रसाद के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बालक को थाना लाया गया। थाना में पूछताछ के दौरान बालक बोलने में असमर्थ था, जिससे उसकी पहचान तुरंत नहीं हो सकी। इसके बाद पुलिस ने आमजन और मीडिया के माध्यम से बालक के परिजनों तक पहुंचने का प्रयास किया। सत्यापन के क्रम में बालक की पहचान हर्ष कुमार 10 वर्ष, पिता रंजीत साव, निवासी कदमा, थाना कटकमदाग, जिला हजारीबाग के रूप में हुई। जानकारी के अनुसार, हर्ष पिछले सात वर्षों से अपने नाना सूरज साव निवासी रुपिन, पोस्ट बेला, थाना चौपारण, हजारीबाग के यहां रह रहा था। वह 22 फरवरी को नाना के घर से निकल गया था और भटकते हुए मयूरहंड पहुंच गया। सत्यापन के उपरांत बालक को पहचानकर्ताओं की उपस्थिति में उसके परिजनों को सकुशल सुपुर्द कर दिया गया। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में अंजान या मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्तियों को बच्चा चोर समझकर भीड़ द्वारा मारपीट की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे माहौल में परोरिया गांव के ग्रामीणों ने समझदारी दिखाते हुए बालक को पुलिस के हवाले कर दिया, जिससे किसी अप्रिय घटना की आशंका टल गई। पुलिस ने ग्रामीणों को धन्यवाद देते हुए आम जनता से अपील की है कि किसी भी अंजान, संदिग्ध या असहाय व्यक्ति को देखकर अफवाहों पर ध्यान न दें। तुरंत संबंधित थाना या डायल 112 पर सूचना दें, ताकि प्रशासन समय रहते उचित कार्रवाई कर सके।






















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