*शांति, सद्भाव और भाईचारे की मिसाल बना बाबा दुखन शाह (रअ) का 101वां सालाना उर्स*
*सबके सहयोग से सफलता पूर्वक संपन्न हुआ चार दिवसीय उर्स: अंजुमन इस्लामिया*
लोहरदगा: शहंशाह-ए-लोहरदगा हजरत बाबा दुखन शाह (रहमतुल्लाह अलैह) का 101वां चार दिवसीय सालाना उर्स मुबारक पूरी अकीदत, शांति और आपसी सद्भाव के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर अंजुमन इस्लामिया के सदर अब्दुल रऊफ अंसारी एवं सचिव शाहिद अहमद बेलू ने संयुक्त प्रेस बयान जारी कर उर्स को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम आवाम के प्रति आभार व्यक्त किया।अंजुमन इस्लामिया के सदर व सचिव ने अपने बयान में लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुखदेव भगत, बेरमो विधायक अनुप कुमार सिंह, झारखंड अल्पसंख्यक आयोग के वाइस चेयरमैन शमशेर आलम, आयोग सदस्य वारिस कुरैशी, पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहु, सांसद प्रतिनिधि साजिद अहमद चंगू, नाजिम-ए-आला हाजी अब्दुल जब्बार का विशेष रूप से आभार जताया। साथ ही उर्स के शांतिपूर्ण आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए उपायुक्त-सह-जिलादंडाधिकारी डॉ. कुमार ताराचंद, पुलिस कप्तान सादिक अनवर रिजवी सहित समस्त जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन का धन्यवाद ज्ञापित किया गया। उन्होंने अंजुमन इस्लामिया के सभी पदाधिकारियों व सदस्यों, मजार इंतजामिया कमिटी के शेराज अंसारी, शुड्डू, यासिन कुरैशी, एनामुल अंसारी, उर्स इंतजामिया कमिटी के सदस्यों तथा लोहरदगा जिले की आवाम का विशेषकर नौजवानों और दूर-दराज से आए सभी जायरीनों के प्रति भी आभार व्यक्त किया।प्रेस बयान में कहा गया कि उर्स को सफल बनाने में एसडीओ अमित कुमार, एसडीओपी श्रद्धा केरकेट्टा, एसडीपीओ वेदांत शंकर (आईपीएस), थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रत्नेश मोहन ठाकुर, जामा मस्जिद के इमाम कारी शमीम रज़वी सहित सभी इमाम व असातेजा का सराहनीय योगदान रहा। इसके अलावा उर्स आयोज समिति के फारूक कुरैशी, जफर इमाम, वासिफ कय्यूम, सरवर खान, मोजम्मिल अंसारी, नेहाल कुरैशी, यासिन कुरैशी, दानिश अली, कय्यूम खान, सरफुल अंसारी, महबूब अंसारी, अब्दुल कादीर, अली रहमान, परवेज सिद्दीकी, इरशाद आलम, सरवर आलम-पाले सहित तमाम सामाजिक कार्यकर्ताओं को दिली मुबारकबाद देते हुए उनका धन्यवाद किया गया। अंजुमन इस्लामिया के पदाधिकारियों ने कहा कि उपरोक्त सभी लोगों के सकारात्मक सहयोग और आपसी तालमेल के कारण ही बाबा दुखन शाह का यह विशाल धार्मिक आयोजन शांति, अमन और भाईचारे के माहौल में सफलतापूर्वक संपन्न हो सका, जो लोहरदगा की गंगा-जमुनी तहजीब की एक खूबसूरत मिसाल है।








