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12 दिन बाद मासूमों की सुरक्षित वापसी: चितरपुर के पहाड़ी इलाके से अंश-अंशिका बरामद

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लापता पांच वर्षीय अंश और चार वर्षीय अंशिका की सकुशल बरामदगी ने पूरे झारखंड को राहत दी है। देशभर में चली तलाश, पुलिस की एसआईटी, सामाजिक संगठनों, स्थानीय युवाओं और मीडिया की सक्रियता ने आखिरकार उस कहानी का सुखद अंत किया, जिसने हर संवेदनशील दिल को बेचैन कर दिया था।


रांची के धुर्वा क्षेत्र से 2 जनवरी को लापता हुए सगे भाई-बहन अंश और अंशिका को 12 दिन बाद रजरप्पा पुलिस ने रामगढ़ जिले के चितरपुर स्थित पहाड़ी इलाके से सकुशल बरामद कर लिया। बच्चों के साथ एक महिला और एक पुरुष को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है, जिन्हें पूछताछ के लिए रामगढ़ एसपी कार्यालय भेजा गया है। मासूमों के सुरक्षित मिलने की खबर से परिजनों के साथ-साथ पूरे इलाके ने राहत की सांस ली। इस दौरान पुलिस, सामाजिक संगठनों, स्थानीय युवाओं और मीडिया की साझा कोशिशें निर्णायक साबित हुईं।

मंगलवार देर रात चितरपुर क्षेत्र में बच्चों के देखे जाने की सूचना मिलते ही स्थानीय युवाओं ने मोर्चा संभाल लिया। रातभर इलाके में खोजबीन और गश्ती की गई। बुधवार सुबह करीब 7:30 बजे पहाड़ी इलाके में दोनों बच्चे बैठे मिले, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। इस पूरे अभियान में मीडिया की सक्रिय भूमिका भी अहम रही। 8 जनवरी से लगातार रिपोर्टिंग और जमीनी पड़ताल के जरिए मामले को जीवंत बनाए रखा गया, जिससे दबाव बना और तलाश तेज हुई।

आज, 14 जनवरी मकर संक्रांति के दिन, पुलिस दोनों बच्चों को रामगढ़ से रांची एसएसपी कार्यालय लेकर पहुंची। यहां बच्चों को माता-पिता से मिलवाया गया और प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। मुलाकात के दौरान अंश और अंशिका ने मैगी खाई। अंशिका मां नीतू की गोद में नजर आई, जबकि पिता सुनील राय ने अंश को उठाया। माता-पिता से मिलते ही दोनों बच्चों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। यह मामला न सिर्फ पुलिस और समाज की साझा जिम्मेदारी की मिसाल बना, बल्कि यह भी दिखा गया कि जब सिस्टम, समाज और संवेदना साथ आती है, तो हर मुश्किल का समाधान संभव है।

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